मोहाली। शहर में दिनदहाड़े अकाली नेता विक्रमजीत सिंह विक्की मिंडूखेड़ा की हत्या के चार महीने बाद भी अभी तक हत्यारे पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस के लिए हत्यारे पहेली बने हुए हैं। जबकि परिवार को अब अपनी ही सुरक्षा का खतरा सता रहा है। इसी मामले को लेकर अब विक्की मिंडूूखेडा के भाई अजयपाल सिंह मिंडूखेड़ा ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि इस हत्या में शामिल हत्यारों का पता लगाने के लिए कार्रवाई की जाए। परिवार को जान का खतरा है और परिवार को सुरक्षा मुहैया करवाई जाए, जिससे परिवार को किसी भी तरह की दिक्कत न उठानी पड़े।
जानकारी के मुताबिक केंद्रीय गृहमंत्री को लिखे पत्र में अजय पाल सिंह मिंडूखेड़ा ने कहा है कि आरोपियों के सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं कर रही है। जबकि आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। ऐसे में अब उन्हें केंद्र सरकार से मदद की उम्मीद है। गृह मंत्री को पत्र में लिखा है कि परिवार को सुरक्षा दी जाए। क्योंकि दिनदहाड़े विक्की मिंडूखेड़ा की गोलियां मारकर हत्या की गई थी और वारदात सीसीटीवी फुटेज में कैद होने पर भी आज तक पुलिस हत्यारों का पता नहीं लगा सकी। इस तरह तो उन्हें भी जान का खतरा सता रहा है और हत्यारे उन पर भी हमला कर सकते हैं। मृतक के भाई अजयपाल मिंडूखेड़ा ने पत्र में यह भी लिखा है कि उनका परिवार खतरा महसूस कर रहा है।
बता दें कि इसी साल 7 अगस्त को सेक्टर-71 में अकाली नेता विक्रमजीत सिंह विक्की उर्फ मिंडूखेड़ा की हत्या कर दी गई थी। उस पर 18 गोलियां चलाई गई थीं और इसके बाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया था। इसके बाद इस मामले में पुलिस अब तक 30 गैंगस्टरों को विभिन्न जेलों से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ कर चुकी है। 23 सितंबर को पुलिस ने केस सुलझाने का दावा करते हुए बताया था कि मिंडूखेड़ा की हत्या जेल में बैठकर गैंगस्टर कौशल चौधरी ने ही अपने भगोड़े साथियों से करवाई थी। उसने बताया था कि आर्मिनिया में रह रहे गैंगस्टर गौरव पटियाल के इशारे पर यह हत्या की गई थी। हालांकि अभी तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
गैंगस्टरों ने सोशल मीडिया पर डाली थी धमकी भरी पोस्ट
मृतक के भाई अजय पाल सिंह मिंडूखेड़ा ने गृह मंत्री को पत्र में लिखा है कि विक्की मिंडूखेड़ा की हत्या के बाद गैंगस्टरों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर हत्या करने का जिम्मा लिया था। इसके बाद कातिलों पर कार्रवाई करने की कोशिश करने पर धमकी देकर भी कई पोस्ट डाली गई। इससे उन्हें और उनके परिवार को जान का खतरा है। उन्हें सुरक्षित जीवन जीने के लिए सुरक्षा दी जाए। इस वारदात के 120 दिन बीत जाने के बावजूद विक्की मिंडूखेड़ा की हत्या करने का कारण और मकसद भी स्पष्ट नहीं हो सका है।