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जीरकपुर के गांव गाजीपुर में स्थित स्वास्तिक अस्पताल में मिली खामियां, प्रशासन ने किया सील

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जीरकपुर। डीसी ईशा कालिया के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने गाजीपुर में स्थित स्वास्तिक अस्पताल में कई खामियां पाए जाने पर उसे सील कर दिया। प्रशासन की ओर से एसडीएम डेराबस्सी कुलदीप बावा के नेतृत्व में टीम का गठन कर अस्पताल में छापा मारा गया था। यहां अस्पताल में कोई भी डाक्टर नहीं मिला, बल्कि एक अटेंडेंट मरीजों का इलाज कर रहा था। प्रशासन ने पुलिस को अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज करने की हिदायत दी है।
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एसडीएम डेराबस्सी कुलदीप बावा को सूचना मिली थी कि इस क्लीनिक में इलाज के बहाने गैरकानूनी गतिविधियां चल रही हैं। इसकी जांच के लिए उन्होंने एक टीम बनाई, जिसमें सेहत विभाग से मेडिकल अफसर डॉ. मेहताब, नगर काउंसिल से इंस्पेक्टर रिशभ और पुलिस के एएसआई बरिंद्र सिंह शामिल किए। इस टीम ने वीरवार को उक्त अस्पताल में छापा मारा और यहां उन्हें कोई डॉक्टर नहीं मिला बल्कि अजिंदरपाल सिंह नाम का एक अटेंडेंट मिला जो मरीजों का डाक्टर के तौर पर इलाज कर रहा था। उसके पास डाक्टर होने का कोई सबूत नहीं था। वह केवल ट्रेनी फार्मासिस्ट के दस्तावेज ही दिखा सका, जो कि 31 दिसंबर, 2020 तक ही मान्य थे।
एसडीएम बावा को अजिंद्रपाल ने बताया कि डाक्टर प्रगति इस अस्पताल को चला रही हैं। उनकी ड्यूटी शाम को शुरू होती है, लेकिन मौके पर पेश किए गए दस्तावेजों से यह साबित नहीं हुआ कि वह एक योग्यता प्राप्त डाक्टर है। डाक्टर प्रगति के सिर्फ आयुर्वेदिक डाक्टर होने के सबूत ही मिले हैं। टीम को अस्पताल से जाली मोहर भी मिली है, जिसमें डाक्टर प्रगति को एमडी दिखाया गया है।
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उन्होंने कहा कि टीम को अस्पताल से कुछ पाबंदीशुदा दवा भी मिली हैं, जो आम तौर पर एक दर्द निवारक के तौर पर इस्तेमाल की जाती हैं। यह मध्यम और गंभीर दर्द के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। यह दवा सिर्फ एक योग्यता प्राप्त डाक्टर के परामर्श पर ही मिलती है। क्योंकि आम तौर पर इसका प्रयोग नशे के लिए होता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने अस्पताल के प्रबंधकों के खिलाफ एफआईआर की सिफारिश पुलिस को कर दी है। इसके अलावा सिविल सर्जन मोहाली को अगली कार्रवाई के लिए लिख दिया गया है।
इस संबंधी डीसी मोहाली ईशा कालिया ने कहा कि जिले में सेहत से जुड़ा किसी भी तरह का गैरकानूनी काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डाक्टरी पेशा एक उत्तम पेशों में से एक माना जाता है क्योंकि यह लोगों के जीवन को बचाने में सहायता करता है। अगर किसी को इलाज के नाम पर मरीजों के साथ धोखा करते पाया गया तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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