मोहाली। फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल में शुक्रवार को उस समय हंगामा हो गया, जब अस्पताल में दो साल के मासूम की मौत हो गई। इस पर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर नारेबाजी करते हुए रोष प्रदर्शन किया। परिजनों के प्रदर्शन को देख अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच को लेकर आदेश पारित कर दिए हैं।
गांव जगतपुरा की नानक कॉलोनी की रहने वाली महिला बेबी अपने दो साल के बेटे को पीठ में दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची थी। यहां पहुंचने के बाद इमरजेंसी वार्ड में मौजूद डाक्टरों से बच्चे की जांच करवाई गई। इसके बाद डाक्टर ने नर्स से बच्चे की ईसीजी करने के लिए कहा। लेकिन मशीन खराब होने के कारण डाक्टर ने इंजेक्शन लगा दिया। करीब 20 मिनट के बाद दूसरी मशीन से ईसीजी करने लगे तो तब तक बच्चा सांसें लेना बंद कर चुका था और डाक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
दूसरी ओर बच्चे के मृत घोषित करने के बाद परिजनों ने डाक्टरों की लापरवाही को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिय। इसके बाद डाक्टरों ने सिक्योरिटी गार्ड बुलाकर उन्हें निकालकर बाहर किया। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रोष प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर प्रबंधकों ने मामले की जांच को लेकर आदेश पारित कर दिए हैं।
पोस्टमार्टम की रिपोर्ट पर करेंगे जांच
अस्पताल में हुई मासूम बच्चे की मौत के बाद उसके परिजनों की शिकायत मिलने के बाद इस मामले की जांच को लेकर आदेश दे दिए गए हैं। इस मामले में मासूम की पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई कर जांच की जाएगी। -डॉ. एचएस चीमा, एसएमओ, सिविल अस्पताल, मोहाली।