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शहर के सामुदायिक केंद्रों की हालत खराब, लोग शादी समारोह कहां करें जनाब

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मोहाली। शहर के लोगों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए नगर निगम जहां करोड़ों रुपये की लागत से फेज-3बी1 स्थित सामुदायिक केंद्र को गिराकर नए सिरे से बनाने जा रही है। वहीं, पहले बने सामुदायिक केंद्रों की उचित देखभाल नहीं की जा रही है। शहर के तकरीबन सभी सामुदायिक केंद्रों के अंदर साफ-सफाई नहीं होने के कारण इनकी हालत खराब है और इनके परिसर में ऊंची-ऊंची घास उगी हुई है। लेकिन नगर निगम यह तक नहीं सोच रहा है कि आखिर लोग समारोह कहां करेंगे। जबकि सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाती है। लोगों को यहां पर समारोह करने के लिए खुद अपनी जेब से पैसे खर्च कर सफाई तक करवानी पड़ती है।
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बता दें कि नगर निगम की ओर से पूरे शहर में कुल 9 सामुदायिक केंद्र लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए हैं। यहां पर लोग अपनी जरूरत के हिसाब से बुकिंग करवाकर विवाह या समारोह आदि करते हैं। लेकिन कोरोना काल में विवाह समारोह आदि में मेहमानों की लिमिट आदि के चक्कर में लोगों ने सामुदायिक केंद्रों की जगह घरों पर ही शादियां कीं। इनकी हालात इतनी खराब है कि समय-समय उचित सफाई नहीं होने के कारण अधिकतर सामुदायिक केंद्रों के ग्राउंड में जंगली घास और झाड़ियां उगना आम बात है। इससे लोगों को दिक्कत उठानी पड़ती है। ऐसी ही हालात फेज-1 स्थित मोटर मार्केट के पास बने सामुदायिक केंद्र की भी है। इसके बाहरी एरिया में जंगली घास और झाड़ियां लोगों के लिए आफत बनी हुई है। जिससे लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड रही है।
इस संबंध में फेज-1 निवासी जगदीप सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले यहां का सामुदायिक केंद्र बना था। लेकिन उचित देखभाल न होने के चलते इसकी हालत खराब होती जा रही है। निगम को चाहिए कि बाकायदा इसकी सफाई करवाएं। इसके अलावा इसमें अन्य विकास कार्य भी पहल के आधार पर करवाए जाएं, ताकि लोगों को दिक्कत न उठानी पड़े। इसी तरफ फेज-1 निवासी हरबंस सिंह ने बताया कि फेज-2 का सामुदायिक केंद्र भी काफी अच्छा है। लेकिन वहां अंदर उचित सफाई नहीं की गई है। कुछ समय पहले वह इसमें हुई एक शादी समारोह में गए थे, लेकिन इस सामुदायिक केंद्र के जिस हाल में खाना लगाया हुुआ था, वहां पर मकड़ी के जाले लटक रहे थे। इसके अलावा वहां पर पानी की दिक्कत भी रहती है। इसके अलावा मटौर वाले सामुदायिक केंद्र के पास ही डंपिंग प्वाइंट है, वहां पर हर समय बदबू उठती रहती है। इसके अलावा फेज-11 और फेज-5 वाले सामुदायिक केंद्र भी बहुत बढ़िया स्थिति में नहीं है।
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ऐसे होती है सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग
जानकारी के मुताबिक नगर निगम के पास 9 सामुदायिक केंद्र हैं। इनमें सेक्टर-54, 56, 59, 61, 69, 70, 71, 55 और 65 के सामुदायिक केंद्र शामिल हैं। इनमें छोटे सामुदायिक केंद्रों के चार्जेस 7500 रुपये है। जबकि बड़ो के 10 हजार 500 रुपये फीस है। सिक्योरिटी चार्जेस 5 हजार रुपये लिए जाते हैं, जो कि लोगों को वापस करने पड़ते हैं। इसके अलावा लोगों को 18 फीसदी सर्विस टैक्स अलग से देना पड़ता है। वहीं, सामुदायिक केंद्रों संबंधी अधिक जानकारी नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर-18000-137 0007 से हासिल की जा सकती है। इसके अलावा लोगों को निगम की ओर से निर्धारित 16 गाइडलाइन का पालन करना पड़ता है।
सामुदायिक केंद्रों के कायाकल्प का प्रोजेक्ट अधर में
नगर निगम ने कुछ समय पहले शहर के सभी सामुदायिक केंद्रों के कायाकल्प की तैयारी की थी। इसके लिए बाकायदा हाउस की बैठक में प्रस्ताव भी पास किया गया था। इसमें सामुदायिक केंद्रों को साउंड प्रूफ करने से लेकर अन्य काम किए जाने थे। लेकिन आगे चलकर प्रोजेक्ट को निकाय विभाग से मंजूरी ही नहीं मिल पाई थी। इस वजह से यह काम अधर में रह गया था। उम्मीद है कि अब इस काम में तेजी आएगी।
सामुदायिक केंद्र सुधारने की बना रहे योजनाएं
सामुदायिक केंद्रों की स्थिति सुधारने के लिए नगर निगम की ओर से उचित योजनाएं बनाई जा रही हैं। लोगों से इस संबंध में सुझाव भी लिए गए हैं। कोशिश की जा रही है कि ऐसी व्यवस्था की जाए कि शहर के सभी सामुदायिक केंद्रों में लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न उठानी पड़े। - कुलजीत सिंह बेदी, डिप्टी मेयर। नगर निगम।
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