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नारेबाजी करते हुए बैरिकेड़ तोड़कर चंडीगढ़ में दाखिल हुए अस्थायी अध्यापक

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मोहाली। शहर के फेज-8 स्थित शिक्षा विभाग के दफ्तर के बाहर पक्की नौकरी की उम्मीद को लेकर आठ दिनों से संघर्ष पर चल रहे कच्चे (अस्थायी) अध्यापक मंगलवार को सीएम आवास का घेराव करने के लिए चंडीगढ़ की तरफ निकल पड़े। इस दौरान उन्होंने वाईपीएस चौक से आगे चंडीगढ़ पुलिस के बैरिकेड़ तक तोड़ दिए। काफी संख्या में शिक्षक चंडीगढ़ में प्रवेश कर गए, इस दौरान चंडीगढ़ पुलिस ने शिक्षकों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल करते हुए पानी की बौछारें शिक्षकों पर मारीं। इस दौरान कई शिक्षक पानी की बौछारों को सहन नहीं कर पाए और घायल होकर नीचे गिर गए। जबकि कुछ की पगड़ियां तक उतर गईं। इनमें बहुत सी महिला शिक्षक तक घायल हो गई। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस के एसएसपी ने सेक्टर-43 के बस स्टैंड पर पहुंचकर शिक्षकों को समझाकर शांत किया। इसके बाद एक प्रतिनिधि मंडल की सीएम से मुलाकात करवाई गई।
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बता दें कि अस्थायी शिक्षक काफी समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष पर चल रहे थे। लेकिन उनकी मांगों पर कोई उचित सुनवाई नहीं हो रही है। इस वजह से शिक्षक काफी आहत थे। इसके बाद टीचरों ने यह राह चुनी है। हालांकि जब टीचरों ने चंडीगढ़ की सीमा में प्रवेश किया तो वहां की पुलिस काफी दिक्कत में आ गई। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आखिर यह कैसे हो गया। हालांकि बाद में सेक्टर-44 के पेट्रोल पंप के नजदीक शिक्षकों को रोका गया। इसके बाद उन्हें सेक्टर-15 स्थित कांग्रेस भवन में ले जाया गया। यहां उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सलाहाकर कैप्टन संदीप संधू से करवाई गई। इन शिक्षकों का कहना है कि वह पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं। उनके पास संघर्ष के अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया है। जब तक सरकारी पत्र जारी नहीं किया जाता है तब तक वह पीछे नहीं हटेंगे। संदीप संधू ने उन्हें अगले मंगलवार पैनल मीटिंग का भरोसा दिलाया है। वहीं, दूसरी ओर इस दौरान वाईपीएस रोड पर आवाजाही बंद रही। इतना ही नहीं पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड समेत अन्य दफ्तरों के मुलाजिम भी दिक्कत में आ गए।
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