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कोरोना की दूसरी लहर ने मचाई थी दहशत, गांव कुरड़ी के ग्रामीणों ने टीकाकरण से रोका संक्रमण

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मोहाली। एयरपोर्ट रोड के नजदीक स्थित गांव कुरड़ी में कोरोना की दूसरी लहर चरम पर थी। इसी दौरान करीब 80 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए थे। इसके बाद गांव के लोगों में कोरोना को लेकर दहशत का माहौल बन गया था। लेकिन गांव की पंचायत ने ऐसे हालात में इंसानियत की मिसाल पेश की। सेहत विभाग की टीम के साथ मिलकर पंचायत के सदस्यों ने लोगों को सेहत प्रदान की। लोगों को फतेह किट से लेकर अन्य जरूरी सेवाएं मुहैया करवाई गईं। इस दौरान गंभीर मरीजों को अस्पतालों में भर्ती करवाया गया था, जबकि कुछ कोरोना संक्रमितों को घरों में ही क्वारंटाइन किया गया था। वहीं, आज गांव कुरड़ी में 85 प्रतिशत लोगों का टीकाकरण हो चुका है और अब गांव में हालात सामान्य हैं।
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पहले टीकाकरण को लेकर भ्रम था, अब सब दूर
गांव कुरड़ी के सरपंच छज्जा सिंह ने बताया कि गांव की आबादी करीब एक हजार है। यहां पर 80 लोग कोरोना संक्रमित भी हुए हैं। पहले लोगों में सैंपलिंग के लिए डर देखा गया था। लेकिन पंचायत की कोशिशों और स्वास्थ्य विभाग की टीम की सहायता से सभी का कोरोना टेस्ट करवाया गया। साथ ही फतेह किट देकर उन्हें इस बीमारी से ठीक किया गया। गांव के लोगों के पूरी तरह ठीक हो जाने के बाद टीकाकरण की मुहिम चलाई गई। छज्जा सिंह ने बताया कि गांव में करीब 220 लोगों का टीकाकरण हुआ है। इसके अलावा बाहर नौकरी करने वाले लोगों ने गांव के बाहर ही टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी की और आज सभी ठीक हैं।
ग्रामीण टीकाकरण करवाएं, इसके लिए अपने घर से की पहल
वहीं, गांव के सरपंच के बेटे दविंदर सिंह ने बताया कि उनके पिता की उम्र करीब 70 साल है। ऐसे में उनके कहने पर ही मैंने गांव के हर व्यक्ति को कोरोना से संबंधित हर जरूरी सामान उपलब्ध करवाया है। पिता ने ही कोरोना जैसे हालातों से जूझने के लिए उपाय दिए। ऐसे में जब टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू हुई तो गांव के लोगों में टीकाकरण को लेकर काफी संदेह था। इस डर को देखते हुए पिता समेत अपने परिवार के ही करीब 40 लोगों ने पहले टीकाकरण करवाया। हमारी कोशिश थी कि लोगों को टीकाकरण पर विश्वास पैदा करवाएं। ऐसे में हमें सुरक्षित देखने के बाद गांव के बाकी लोगों ने भी कोरोना से बचाव का टीका लगवाया।
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मरीजों को तुरंत अस्पतालों में भेजा
पूर्व सरपंच एवं पूर्व ब्लॉक समिति के सदस्य निर्मल सिंह ने बताया कि कोरोना के मामले गांव में अचानक बहुत ज्यादा फैलने के कारण हर किसी के मन में डर बैठ गया था। हालांकि समय रहते सूझबूझ से गांव से गंभीर मरीजों को दूर अस्पतालों में भर्ती होने के लिए भेज दिया गया। वहीं सरपंच के कहने पर मैंने और मेरे परिवार ने भी टीके की दोनों डोज ले ली हैं। शुरुआत में शरीर में थोड़ा सा दर्द और बुखार रहा, लेकिन दो दिन के बाद सब कुछ सामान्य हो गया।
गांव के लोग जल्दी ही वैक्सीन लगवा लेंगे
गांव कुरड़ी के पंच गुरमीत सिंह ढिल्लों ने बताया कोरोना वायरस की पहली लहर में गांव में एक भी मामला सामने नहीं आया था। जबकि किसानों के आंदोलन में भी गांव वालों ने जमकर हिस्सा लिया था। लेकिन इसके बाद इस साल मई में किसी बाहर वाले की वजह से कोरोना संक्रमण के मामले गांव में देखे गए। पंच होने के नाते कोरोना से बचने की सभी सावधानियां अपनानी शुरू कर दीं। मैंने और परिवार के सभी लोगों ने अपना कोरोना का टेस्ट करवाया। इसमें सभी की रिपोर्ट निगेटिव निकली। टीकाकरण की प्रक्रिया गांव में शुरू होने के बाद मैंने और परिवार के सभी सदस्यों ने टीका लगवाया। गुरमीत सिंह ने बताया कि जिस दिन टीका लगवाया था, परिवार के सभी लोगों को हल्का बुखार रहा, लेकिन शाम तक सभी ठीक हो गए थे। वहीं कुछ लोगों ने अभी भी टीका नहीं लगवाया। लेकिन वे भी जल्द टीका लगवा लेंगे।
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