राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) तरनतारन बम धमाके के मास्टरमाइंड और वांछित आरोपी बिक्रमजीत सिंह उर्फ बिक्कर पंजवड़ उर्फ बिक्कर बाबा को प्रत्यर्पण करने के बाद आठ दिसंबर को भारत लाई थी। नौ दिसंबर को उसे मोहाली की विशेष अदालत में पेश करके आठ दिन का रिमांड हासिल किया था। शनिवार को यह रिमांड खत्म होने के बाद उसको जिला अदालत में पेश किया गया। दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उसका ओर पांच दिन का रिमांड दे दिया है। अब उसे 22 दिसंबर को पेश किया जाएगा।
एनआईए ने अदालत में दलील दी है कि आरोपी के तार विदेशों में बैठे बड़े आतंकियों से जुड़े हुए हैं। उनकी मदद से 2019 में इसने तरनतारन में बम ब्लास्ट किया था। इसमें कई विदेशी आतंकवादियों का हाथ होने की आशंका है। इसलिए आरोपी से लंबी पूछताछ की जरूरत है। पूछताछ के लिए एनआईए ने छह दिन का रिमांड मांगा। अदालत ने पांच दिन का रिमांड दे दिया।
एनआईए के सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में पता चला है कि आरोपी पंजाब में कई बड़े राजनेताओं की हत्या करने की तैयारी में थे। विदेश में बैठे उसके आकाओं ने इसके लिए उसकी जिम्मेदारी लगाई थी। आरोपी के तार पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से जुड़े होने की भी आशंका जताई जा रही है। पूछताछ में एनआईए को अहम खुलासे की उम्मीद है। जिससे उसका नेटवर्क टूट सकता है। एनआईए को बिक्कर की काफी समय से तलाश थी।
बता दें कि सितंबर 2019 में पंजाब के तरनतारन में बम धमाका हुआ था। इस मामले में तरनतारन जिले के थाना सदर में इस बाबत पहले रिपोर्ट दर्ज की गई थी लेकिन बाद में एनआईए ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी मलकीत सिंह शेरा ने खुलासा किया था कि बम धमाके का मास्टरमाइंड बिक्रमजीत सिंह उर्फ बिक्कर पंजवड़ उर्फ बिक्कर बाबा है। उससे उसकी दोस्ती 2014 में हुई थी। बिक्रम आईईडी विस्फोटक बनाने में विशेषज्ञ है। वह एनआईए की ओर से 2019 में दर्ज मामले में भगोड़ा चल रहा था।