हाईवोल्टेज तार के नीचे बनाए स्टाफ के कमरे। संवाद
जीरकपुर। शहर के भबात क्षेत्र में बने डॉग पॉन्ड में बिजली की हाई वोल्टेज तार के एकदम नीचे ही कंपनी के स्टाफ के लिए कमरा बनाया जा रहा है। नगर परिषद का नियम है कि शहर में हाई वोल्टेज तार के नीचे किसी प्रकार का निर्माण नहीं होगा। यह निर्माण अब भी जारी है, यहां पर इस कमरे की छत पर सीमेंट की चादरें डाली गई हैं। हाई वोल्टेज तारे उसे छत से करीब 6 फीट ऊंची है। सवाल है कि यदि बिजली की तार के साथ यहां पर कोई घटना हो जाए तो उसे घटना की जिम्मेदारी किस अधिकारी की होगी?
एक ही दिन में लावारिस कुत्ते ने 10 लोगों को काटा
पिछले महीने लोग क्षेत्र में एक लावारसि कुत्ते ने 10 लोगों को काटकर घायल कर दिया था। इसके बाद हलका विधायक का भी बयान सामने आया था कि हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि कुत्तों की नसबंदी वाले अस्पताल को 10 दिन के भीतर एनओसी मिल जाए और यहां पर फिर से काम शुरू हो जाए। लेकिन उस बात को भी एक महीना बीत चुका है और यह कुत्तों का अस्पताल एनओसी का इंतजार कर रहा है।
दोबारा से नसबंदी का काम शुरू करने के लिए एनओसी का इंतजार है। हमने सभी दस्तावेज पूरे करके एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया को एनओसी जारी करने के लिए अप्लाई कर दिया था। लेकिन अभी तक वहां से एनओसी नहीं मिली, इसलिए कुत्तों की नसबंदी शुरू नहीं हो पाई। हम एनओसी के लिए अप्लाई किए हुए दस्तावेजों के आधार पर भी यहां पर नसबंदी का काम शुरू कर सकते हैं, लेकिन परिषद अधिकारियों के आदेश हैं कि जब तक एडब्ल्यूबीआई की तरफ से एनओसी नहीं आ जाती तब तक हम यहां पर काम शुरू नहीं करवाएंगे। -प्रदीप बजाज, अधिकारी, कावा कंपनी