मोहाली। नगर निगम के गांव सोहाना अधिकारियों की अनदेखी का शिकार होता जा रहा है। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार नगर निगम के अधिकारियों को समस्याओं के हल के लिए कहा जा चुका है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि सत्ताधारी गुट के पार्षद हरजीत सिंह खुद कई बार निगम अधिकारियों के सामने गांव की समस्याओं के हल के लिए गुहार लाग चुके हैं, इसके बावजूद कोई हल नहीं निकाला गया है।
गांव सोहाना के पार्षद हरजीत सिंह ने बताया कि नगर निगम में पड़ता गांव सोहाना सबसे बड़ा गांव है, जो कि अब निगम अधिकारियों की अनदेखी का शिकार होकर रह गया है। गांव में सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी की है। गांव के काफी हिस्से में गांव के पीने वाले पानी की सप्लाई सिर्फ सुबह के समय ही होती है। इसके बाद पूरा दिन पानी की सप्लाई नहीं होती। वहीं, गांव के चौधरी वाला मोहल्ला, वाल्मीकि मोहल्ला और अन्य मोहल्लों में दिन में सिर्फ एक बार पानी की सप्लाई आती है। कई बार तो वो भी नहीं आती। गांव का ट्यूबवेल भी काफी समय से खराब पड़ा है। इसके अलावा गांव को नहरी पानी की सप्लाई से भी अभी तक नहीं जोड़ा गया है।
ढंग से सीवरेज लाइन नहीं बिछाने से है ओवरफ्लो की समस्या
जानकारी के मुताबिक गांव में सीवरेज सिस्टम की लान भी सही ढंग से नहीं बिछाई गई है। इस कारण सीवरेज ओवरफ्लो होता रहता है और गंदा पानी निकलकर गलियों में भरा रहता है। इस कारण गांव में गंभीर बीमारी फैलने का डर बना रहता है। यहीं नहीं कई बार सीवरेज का गंदा पानी पीने वाले पानी में भी मिक्स हो जाता है, इस कारण लोग बीमार रहते हैं। पार्षद ने बताया कि उन्होंने निगम के अधिकारियों को कई बार फोन पर समस्या के हल के लिए कहा है, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारी कई-कई दिन नहीं आते और लोग परेशान होते रहते हैं। बारिश के दिनों में गांव का हाल ओर भी बेहाल हो जाता है, क्योंकि सेक्टर 70 और 71 से आने वाला पानी गुरुद्वारा श्री सिंह शहीदां सोहाना सड़क से होकर गांव सोहाना में आ जाता है। इसके बाद पानी लोगों के घरों और दुकानों में घुस जाता है। पार्षद ने बताया कि उनकी मांग है कि गांव की समस्याओं को पहल के आधार पर हल किया जाए ताकि लोगों को परेशानी न आए।
नाला बनाने का प्रस्ताव पास, अभी तक नहीं हुआ निर्माण
पार्षद हरजीत सिंह ने बताया कि नगर निगम की पिछले साल जुलाई में हुई बैठक में गांव सोहाना में एक नाला बनाने का प्रस्ताव पास किया गया था। इसके एक साल बीत जाने के बावजूद नाले का निर्माण तक शुरू नहीं करवाया गया है। पार्षद का आरोप है कि इस नाले की फाइल को निगम अधिकारियों ने गायब कर दिया है, ताकि जवाबदेही न हो सके।