पंजाब सरकार का फोकस अब मोहाली के ऐतिहासिक व पर्यटन स्थलों को विकसित करने व सैलानियों को वहां तक लाने पर लग गया है। आने वाले समय में लोग चप्पड़चिड़ी स्थित देश की सबसे ऊंची फतेह मीनार से लेकर मुल्लांपुर में सुखना की तर्ज पर स्थापित सिसवां डैम का दीदार आसानी से कर पाएंगे। इसके लिए सरकार ने चप्पड़चिड़ी से लेकर सिसवां तक शटल बस सर्विस चलाने की तैयारी की है। इसके साथ ही खरड़ स्थित भगवान श्री राम से संबंधित अज्ज सरोवर एवं घड़ूआं की पांडव झील को पर्यटन स्थल के रूप में बनाने की तैयारी है।
खरड़ की विधायक अनमोल गगन मान के पर्यटन मंत्री बनने के बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि जिले में पर्यटन को लेकर सरकार की तरफ से कदम उठाए जा सकते हैं। हाल ही में पर्यटन विभाग की हुई एक बैठक में मंत्री ने पर्यटन विभाग के आला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे मोहाली के सभी ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़ने के लिए शटल बस सेवा के लिए योजना बनाएं ताकि चंडीगढ़ की तर्ज पर यहां आने वाले पर्यटकों को मोहाली जिले में भी आकर्षित किया जा सके।
अभी हैं सिर्फ दो पर्यटन स्थल
मोहाली जिले में अभी तक सिर्फ दो ही पर्यटन स्थल है। इनमें से एक ऐतिहासिक गांव चप्पड़चिड़ी स्थित फतेह मीनार है जो 2011 में बनकर तैयार हुई थी। इसकी ऊंचाई करीब 328 फुट है। इसके अलावा गांव सिसवां में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में सिसवां डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया था। वहां पर पर्यटकों के लिए पार्क, बोटिंग एवं टेंट हाउस जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसे 2021 में पर्यटकों के लिए खोला गया था। तब से अब तक यहां पर्यटकों की संख्या में इजाफा तो हुआ है, लेकिन यातायात के उचित संसाधन न होने के कारण उम्मीद के मुताबिक सैलानी नहीं पहुंच पा रहे हैं।
खरड़ हलके में विकसित होंगे ये दो पर्यटन स्थल
खरड़ विधानसभा क्षेत्र में दो ऐतिहासिक स्थल अज्ज सरोवर एवं पांडव झील है। इन्हें अभी तक किसी भी सरकार ने विकसित नहीं किया है लेकिन पयर्टन मंत्री अनमोल गगन मान ने इस तरफ ध्यान दिया है। इन दोनों स्थलों को संवार कर शटल बस सेवा से जोड़ा जाएगा। अज्ज सरोवर खरड़ में है और करीब 15 एकड़ जमीन में फैला हुआ है। इसके साथ ही ऐतिहासिक चिंता हरण मंदिर भी है। इस मंदिर एवं सरोवर के बारे में मान्यता है कि श्री रामचंद्र जी के दादा महाराजा अज्ज ने इसे बनवाया था। इसी प्रकार घड़ूआं में 13 एकड़ में फैली एक प्राचीन झील है। इसके बारे में भी मान्यता है कि यह महाभारत काल से जुड़ी हुई है। यहां पर उस समय पांडव आकर रुके थे और भीम के बेटे घटोत्कच का जन्म भी इसी जगह पर हुआ था।
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी कर चुके हैं घोषणा
घड़ूआं स्थित पांडव झील का 26 जून 2021 को पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पर्यटन विभाग के तत्कालीन चीफ इंजीनियर योगेश गुप्ता के साथ दौरा किया था। उस समय वह पंजाब सरकार में पर्यटन मंत्री थे। उन्होंने भी इस झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का वादा किया था लेकिन उसके कुछ समय बाद ही तत्कालीन कांग्रेस सरकार में वह मुख्यमंत्री बन गए। उसके बाद उनकी प्रदेश में सरकार नहीं आई।