मोहाली। एयरोसिटी के साथ ही ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने एयरोट्रोपोलिस सिटी बसाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। अब वहां पर पेरीफेरल ग्रिड रोड से लेकर सिविल, पब्लिक हेल्थ और इलेक्ट्रिकल काम किए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट पर 223 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह काम निजी कंपनी के सहयोग से होगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो इसी माह के अंत में प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। वहीं, गमाडा का दावा है कि इस प्रोजेक्ट को आठ महीने में पूरा कर लिया जाएगा।
गमाडा की ओर से एयरोसिटी के साथ ही एयरोट्रोपोलिस सिटी बसाई जा रही है। इसके लिए 11 गांवों की जमीन एक्वायर की गई है और इसमें बांकरपुर, रुड़का, सफीपुर, मटरां, मनौली, पत्तों, सैनी माजरा, चाऊमाजरा, नारायणगढ़ और गांव छत्त शामिल हैं। यह सिटी तीन हिस्सों में बसाई जा रही है। इसमें रिहायशी, कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल एरिया शामिल है। पहले चरण में गमाडा ने यहां पर सड़क बनाने का काम शुरू किया है। इसके साथ ही सिविल, इलेक्ट्रिकल और पब्लिक हेल्थ का काम किया जाएगा। गमाडा अधिकारियों के मुताबिक यह पूरा काम विदेश की तरह होगा। इस दौरान बिजली की वायरिंग समेत सभी सुविधाएं भूमिगत रहेंगी। साथ ही सेंसर वाली स्ट्रीट लाइट लगेगी। वहीं, यूके की तर्ज पर साइन बोर्ड पर नंबर प्लेट रहेगी। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर स्मार्ट सिटी के सभी निर्धारित नियमों का पालन किया जाएगा। रोड के किनारे साइकिल ट्रैक और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा लाइट के लिए एलईडी लाइट्स लगाई जाएंगी।
चार ब्लॉक में बांटा जाएगी एयरोट्रोपोलिस सिटी
जानकारी के मुताबिक, गमाडा की ओर से एयरोट्रोपोलिस सिटी में चार ब्लॉक बनाए गए हैं। इनमें ब्लॉक ए, बी, सी और डी होगा। यहां पर ग्रिड पर आधारित सड़कें होंगी। इसका सबसे ज्यादा फायदा यह होगा कि यहां पर ट्रैफिक जाम की स्थिति नहीं बनेगी। वहीं, लोगों के लिए पार्किंग और कॉमर्शियल एरिया स्थापित किया जाएगा। गमाडा के प्रवक्ता ने बताया कि यह प्रोजेक्ट करीब आठ महीने में पूरा होगा और इलाके के लोगों को इससे फायदा होगा।
ऑनलाइन जारी किए थे एलओआई
एरोट्रोपोलिस सिटी में जमीन मालिकों को गमाडा की ओर लैटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) देने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट किया था। इसमें पहली बार गमाडा की तरफ से एलओआई लोगों को घर भेजने के बजाय फोन पर ऑनलाइन लिंक के माध्यम से भेजे गए थे। इससे लोगों को काफी फायदा हुआ था। पंजाब हाउसिंग विभाग के सचिव सरबजीत सिंह ने यह प्लान तैयार किया था। वहीं, इस अब गमाडा की ओर से आने वाले सभी प्रोजेक्टों पर लागू किया जाएगा।