वाइकिंग ग्लोबल इन्वेस्टमेंट कंपनी के संचालक की तलाश में जुटी साइबर टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। एक फर्जी स्टॉक निवेश कंपनी ने सेवानिवृत्त कर्नल को स्टॉक निवेश में अच्छे मुनाफे का लालच देकर 2.45 करोड़ रुपये ठग लिए। कर्नल की शिकायत पर स्टेट साइबर क्राइम पुलिस ने मामला दर्ज किया है। यह धोखाधड़ी सेना के रिटायर्ड कर्नल संजय भाटिया के साथ हुई है। इस मामले में संजय भाटिया की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 120बी व आईटी एक्ट की धारा 66 (डी) के तहत मामला दर्ज किया है। वाइकिंग ग्लोबल इन्वेस्टमेंट कंपनी के संचालक को स्टेट साइबर क्राइम की टीम तलाश कर रही है। इस मामले में कंपनी का फेसबुक अकाउंट, व्हाट्सएप नंबर की जांच साइबर एक्सपर्ट से करवाई जा रही है, जिससे सेवानिवृत्त कर्नल से संपर्क हुआ था।
रिटायर्ड कर्नल संजय भाटिया निवासी सेक्टर-68 मोहाली ने स्टे साइबर क्राइम थाना फेज-4 में शिकायत दी थी। शिकायत में कर्नल ने कहा कि वह सेवानिवृत्त सेना के अधिकारी हैं और मोहाली में बस गए हैं। 2020 में कोविड के दौरान उन्हें स्टॉक निवेश में रुचि हो गई और उन्होंने अपने सेवानिवृत्ति लाभ और पेंशन से निवेश शुरू कर दिया। 24 फरवरी की शुरुआत में उन्होंने फेसबुक पर वाइकिंग ग्लोबल इन्वेस्टमेंट का एक विज्ञापन देखा, उन्होंने इच्छुक लोगों को एक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल होने के लिए कहा। वह भी इस ग्रुप में शामिल हो गए। उनका सर्वेश नाम के व्यक्ति, जिसने खुद को स्टॉक गुरु बताया था से संपर्क हुआ। उसने बताया कि अमेरिका की वाइकिंग ग्लोबल इन्वेस्टमेंट अपनी शाखा यहां स्थापित कर रही है। उसने कंपनी में पैसा निवेश करने को कहा और 600 तरह की योजना के फायदे बताए। उन्होंने कंपनी के अलग-अलग खातों में जैसा कंपनी वर्करों ने कहा निवेश करते चले गए। शुरुआत में उन्हें कुछ मुनाफा हुआ और फिर उन्होंने अपने शेयर, बेटी के खाते व पत्नी के खाते से पैसे निकाले और दो महीने में इसके माध्यम से 2.5 करोड़ रुपये का निवेश कर दिया। फर्जी कंपनी ने रिटा. कर्नल को एक फर्जी वीआईपी ग्रुप में जोड़ लिया, जिसमें सर्वेश की एक सहायक माया सलेम और फंड मैनेजर अनुज सोनी उससे चैट करते थे। योजना पूरी होने पर एपीपी ने दिखाया कि उनका निवेश 12 करोड़ से अधिक हो गया तो उन्होंने अपने निवेश और लाभ को समाप्त करना चाहा, लेकिन कंपनी ने उन्हें लाभ जारी करने के लिए टीडीएस सेवा कर के रूप में 1.79 करोड़ रुपये की राशि जमा करने के लिए कहा। उन्होंने कंपनी से कहा कि यह रकम उनके मुनाफे में से काट लें, लेकिन कंपनी ने कहा कि नियम अनुसार यह संभव नहीं है। उन्होंने आंशिक निकासी की भी अनुमति नहीं दी, इसलिए उन्हें संदेह हुआ। इसी तरह एक अन्य एलिसिया एप के माध्यम से उन्होंने रिटायर्ड कर्नल से 40 लाख रुपये की ठगी की। एलिसिया ग्रुप की शिवांगी जोशी ने व्हाट्सएप पर जवाब देना बंद कर दिया। तब उनका वाइकिंग ग्लोबल इन्वेस्टमेंट्स के प्रति और अधिक संदेह बढ़ गया। 18 अप्रैल 2024 को कर्नल ने मोहाली की साइबर क्राइम ब्रांच में दो शिकायतें दर्ज कराई। जिसकी जांच के बाद स्टेट साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।