मोहाली। नगर निगम के अधीन गांवों के पशु मालिकों को किराए पर जमीन देेने के प्रस्ताव पर मंगलवार को हाउस की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान आजाद ग्रुप की महिला पार्षदों ने कहा कि यह प्रस्ताव ठीक नहीं है, तो पहले से रणनीति बनाकर आए निगम में सत्ताधारी दल कांग्रेसी पार्षदों ने लावारिस पशुओं की फोटो हाथों में पकड़कर हंगामा कर दिया। साथ ही शर्म करो जैसे नारे लगाए। वहीं, विरोधी पार्षदों को मेयर की ओर से जवाब देने में भी कांग्रेसी पार्षद आगे रहे। इस विरोध के बीच कुछ शर्तों में बदलाव के साथ उक्त प्रस्ताव पास कर दिया गया। इस बैठक में कांग्रेसी पार्षदों के व्यवहार पर मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने कहा कि अभी नए हैं। समय के साथ यह भी सीख जाएंगे।
मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू की अगुवाई में शुरू हुई बैठक में सभी प्रस्ताव पास किए गए। इस मौके पर जैसे ही पशु मालिकों को सेक्टर-74-91 डंपिंग प्वाइंट के पास 3.54 एकड़ जमीन में डेयरी शेड बनाकर देने का प्रस्ताव आया तो इस पर जमकर बवाल हुआ। इस पर करीब 25 मिनट बहसबाजी हुई। 12.05 बजे से लेकर 12.30 तक ड्रामा चला। आजाद ग्रुप की पार्षद गुरमीत कौर ने प्रस्ताव का विरोध कर कहा कि प्रोजेक्ट उचित नहीं है। निगम को जमीन एक्वायर कर पशु मालिकों को जगह देनी चाहिए। इसी बीच कांग्रेस के पार्षदों ने एजेंडे की कॉपियों के नीचे रखे हुए पशुओं की फोटो वाली कॉपियां रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और आजाद ग्रुप की पार्षदों से उलझ गए। कांग्रेसी पार्षद आजाद ग्रुप की महिला पार्षदों से पूछने लगे की साड्डा क्या कसूर ...। साथ ही शर्म करो जैसे नारे लगाए। इसी बीच आजाद ग्रुप की पार्षद हरजिंदर कौर बैदवान ने कहा कि कांग्रेसी पार्षद प्रस्ताव को उलझा रहे हैं। उनका कहना है कि लावारिस पशुओं के लिए गोशाला बनी हुई है, इसलिए उन्हें वहां पर भेजा जाए। जहां तक पशु मालिकों को पशुओं को जगह देनी है, तो चंडीगढ़ की तर्ज पर पक्की जगह अलॉट की जाए। डंपिंग ग्राउंड के पास कौन सा पशु और पशु मालिक जाएगा। ऐसे में पशु मालिक बीमार तक हो सकते हैं।
इसी तरह आजाद ग्रुप की पार्षद रमनप्रीत कौर कुंभड़ा ने भी उक्त प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने कहा कि लोगों के भविष्य को ध्यान में रखकर फैसला लिया जाए। हालांकि बाद में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर दिया गया और मंजूरी के लिए अब निकाय विभाग को भेजा गया है। वहीं, इसमें तय किया गया है कि प्रोजेक्ट संबंधी एक कमेटी बनाई जाएगी। कमेटी ही पशुओं का महीने का किराया तय करेगी और अमृत मिशन योजना के तहत जेसीटी मिल के पास चिल्ड्रेन फ्रेंडली पार्क और एक अन्य पार्क संबंधी प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई।
मुद्दा गर्माने वाले पार्षद बैठक से रहे गायब
हाउस की बैठक का एजेंडा जारी होने के बाद पशु मालिकों को जमीन लीज पर देने के प्रस्ताव का प्रेस कांफ्रेंस कर विरोध करने वाले पार्षद खुद ही बैठक से गायब रहे। जबकि बैठक में केवल महिला पार्षद पहुंची थी। सीनियर पार्षद गायब थे। जबकि कांग्रेसी पार्षदों को पहले से ही पता था कि माहौल गर्माएगा। ऐसे में पूरी रणनीति के साथ आए थे। जबकि प्रेस कांफ्रेंस में आजाद ग्रुप नेताओं ने साफ किया था कि वह बैठक में मौजूद रहेेंगे। प्रस्ताव का विरोध करेंगे और मीटिंग का बायकॉट नहीं करेंगे। साथ ही मामले में जरूरत पड़ने पर कोर्ट की शरण लेंगे। वहीं, इस बारे में कांग्रेस का कहना है कि गैर हाजिर रहे पार्षद पहले ही गलत बयानबाजी कर चुके थे। इसलिए उन्होंने यह तरीका अपनाया है।