मोहाली। गर्भ ठहरने से लेकर डिलीवरी तक महिलाओं को सरकारी अस्पतालों में हर सुविधा मुफ्त दी जाती है। इसमें जरूरी जांचें, दवाइयां, खून की सुविधा, अल्ट्रासाउंड, लैब टेस्ट, आने-जाने के लिए एंबुलेंस और यहां तक कि एक साल तक बच्चे का इलाज भी शामिल है। यह जानकारी सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन ने जिले के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक के दौरान दी और मातृ-मृत्यु दर कम करने के व्यापक निर्देश भी जारी किए। उन्होंने बताया कि जिले के सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के लिए इलाज, जांच और प्रसव से जुड़ी सभी सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त हैं।
इसके अलावा संस्थागत प्रसव कराने वाली महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत आर्थिक सहायता भी दी जाती है। डॉ. जैन ने कहा कि कई बार महिलाएं गैर-प्रशिक्षित लोगों से जांच करवा लेती हैं, इसमें मां और बच्चे दोनों की जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गर्भवती महिलाओं की जांच केवल विशेषज्ञ डॉक्टरों से ही करवाएं और प्रसव सरकारी अस्पतालों में ही कराएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की हर गर्भवती महिला का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए, खासकर हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों पर विशेष निगरानी रखी जाए ताकि डिलीवरी के समय किसी भी तरह की जटिलता से बचा जा सके।