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मोहाली में ड्यूटी कर चुके पुलिस अफसरों को मिली पंजाब के छह जिलों की सरदारी

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मोहाली। इसे वीआईपी जिले में ड्यूटी करने का अनुभव मानें या फिर मात्र संयोग कि पंजाब सरकार की ओर से छह जिलों में लगाए गए एसएसपी मोहाली जिले में काम कर चुके हैं। इतना ही नहीं इनमें से तीन तो अभी मोहाली में ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब वह इसी अनुभव के आधार पर नए जिलों की मिली जिम्मेदारी को संभालेंगे। यह सभी पुलिस अफसर जहां युवा हैं, वहीं, नई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करने में भी माहिर हैं। इतना नहीं इन्होंने अपने कार्यकाल में पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास कायम रखने में भी अहम भूमिका निभाई है। इन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही सूचनाओं की जांच करके जहां बहुत से पीड़ितों को इंसाफ दिलाया। वहीं, पुलिस की छवि को लोगों के सामने नए आधुनिक तरीके से पेश किया। इसके अलावा कई गिरोह का पर्दाफाश कर अपराधियों से छुटकारा भी दिलाया। ऐसे ही छह पुलिस अफसरों से हम आपको रूबरू करवाने जा रहे हैं।
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हरविंदर सिंह विर्क ने किया चोर गिरोह का पर्दाफाश
हरविंदर सिंह विर्क पीपीएस अधिकारी हैं और वह जिले में एसपी सिटी के पद पर तैनात हैं। पंजाब सरकार की ओर से किए गए तबादलों के बाद इन्हें एसएपी तरनतारन लगाया गया है। वह काफी मिलनसार अधिकारी रहे हैं। कोरोना काल में उन्होंने शानदार सेवाएं दीं और इसके अलावा उनके कार्यकाल में पुलिस ने वाहन चोर गिरोह, मसाला चोर गिरोह से लेकर अकाली नेता विक्रमजीत सिहं मिंडूखेड़ा हत्याकांड को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।
हरमनदीप सिंह हंस
मोहाली के एसपी (जांच) हरमनदीप सिंह हंस को फिरोजपुर का एसएसपी लगाया गया है। हंस काफी काबिल अफसरों में माने जाते हैं। उन्होंने कई जटिल केस सुलझाए हैं। वह साल 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनके पिता भी पुलिस में सीनियर अधिकारी हैं। उन्होंने अपनी स्कूलिंग फेज-2 स्थित ज्ञान ज्योति पब्लिक स्कूल से की है। इसके साथ ही सेक्टर-26 स्थित चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की। वहीं, कोरोना काल में उनका काम काफी शानदार रहा है।
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रवजोत कौर ग्रेवाल
मोहाली की एसपी देहाती रवजोत कौर ग्रेवाल को सरकार ने प्रमोशन देकर मलेरकोटला का एसएसपी नियुक्त किया है। वह मूलरूप से पटियाला की रहने वाली हैं। 2014 में उन्होंने पंजाब सिविल सर्विसेज एग्जाम में टॉप किया था। पहले उन्हें एसडीएम अमलोह नियुक्त किया गया था। फिर वह संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर आईपीएस अधिकारी बनीं। हालांकि उन्होंने डेंटिस्ट की पढ़ाई की हुई है। उनके पिता आर्मी ऑफिसर और माता स्कूल टीचर हैं। उन्होंने मोहाली में अच्छा काम किया। फर्जी डिग्रियां देने वाले गिरोह का पर्दाफाश हो या श्री लंका का फर्जी क्रिकेट लीग का खुलासा भी उन्होंने ही किया।
वरुण शर्मा
वरुण शर्मा साल 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह मोहाली में एसपी-डी के पद पर रह चुके हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई बड़े मामलों को सुलझाया था। इसके अलावा उस समय उन्होंने कई ड्रग तस्कर पकड़े थे। इस समय वह तकनीकी विशेषज्ञ हैं। वह आजकल पटियाला में तैनात थे। उन्हें सरकार की तरफ से एसएसपी फरीदकोट लगाया गया है।
राकेश कौशल
राकेश कौशल को एसएसपी अमृतसर देहाती लगाया गया है। उनका मोहाली से सीधा संबंध है क्योंकि सेक्टर-69 में उनका घर है। इतना ही नहीं जब मोहाली जिला नहीं बना था। यह बात सन् 2000 के आसपास की है, जब मोहाली में डीएसपी का एक पद हुआ करता था। उस समय वह यहां पर बतौर डीएसपी सेवाएं दे चुके हैं। कौशल को सीरियल बेबी किलर दरबारा सिंह को दो बार पकड़ने एवं दीनानगर में हुए आतंकी हमले में बहादुरी दिखाने पर बतौर आईपीएस प्रमोशन दी गई थी।
हरचरन सिंह भुल्लर
हरचरन सिंह भुल्लर काफी काबिल अफसरों में से एक हैं। वह मोहाली में बतौर एसएसपी अपनी सेवाएं दे चुके हैं और उनके कार्यकाल में जिला पुलिस ने दुष्कर्मों से जुड़े कई आरोपियों को दबोचा था। इतना ही नहीं महिलाओं की शिकायतों पर काम न करने वाले अधिकारियों को उन्होंने सस्पेंड तक किया था। इस समय वह ज्वाइंट डायरेक्टर एडमिशन विजिलेंस ब्यूरो पंजाब में तैनात थे।
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