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कोरोना को मात दे चुके लोगों में परखी जाएगी बीमारी से लड़ने की ताकत

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मोहाली। कोरोना महामारी को मात देकर स्वस्थ हो चुके लोगों के अंदर बीमारी से लड़ने की कितनी ताकत है, अब इसका भी पता लगाया जाएगा। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) और पंजाब सरकार मिलकर इस काम को अंजाम देंगे।
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इस मिशन के लिए हॉटस्पाट रहे जिला मोहाली की सब तहसील डेराबस्सी के गांव जवाहरपुर समेत पांच जिलों को चुना गया है।
रविवार को जवाहरपुर से दो दिवसीय ‘सीरो’ सर्वे का आगाज हुआ है। सर्वे करने वाली टीमों ने पहले दिन 125 घरों में जाकर लोगों के ब्लड सैंपल लिए। इस मौके पर सिविल सर्जन मोहाली डॉ. मनजीत सिंह भी खुद जवाहरपुर पहुंचे। इसके साथ ही सर्वे करने वाली टीमों को हर संभव मदद की गई। सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि आईसीएमआर की ओर से मोहाली समेत पांच जिलों में सर्वे किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सर्वे का काम उदेश्य कंटोनमेंट जोन और हॉटस्पाट इलाकों में कोरोना वायरस की लोगों में स्थिति का पता लगाना है। वहीं, यह भी पता लगाना है कि सेहतमंद हो चुके लोगों के अंदर बीमारी से लड़ने की कितनी ताकतहै।
बता दें कि अकेले गांव जवाहरपुर में ही कोरोना वायरस के 46 केस सामने आए थे। हालांकि सेहत विभाग का दावा है कि इस समय वहां कोई पॉजिटिव केस नहीं है। सभी मरीज तंदरुस्त हो चुके हैं। डॉ. मनजीत सिंह ने कहा कि सर्वे के नतीजों के आधार पर महामारी से लड़ने की अगली योजना की बेहतर नीतियां बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि सर्वे के नतीजों के आधार पर पता लगेगा कि कोरोना वायरस के खिलाफ एंटी बॉडीज या रोग से लड़ने की ताकत लोगों के अंदर किस तरह पैदा हो रही है। इसके पैदा होने की दर क्या है। इस सर्वे के जरिए वायरस के प्रसार और उसकी क्षमता का पता लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि जिला सेहत विभाग ने सर्वे पूरा करने के लिए पहले ही अपने डॉक्टर और अन्य स्टाफ की ड्यूटी लगा दी थी। सेहत विभाग की टीमें सर्वें का काम पूरा कर रही है।
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इस मौके पर डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. दलजीत सिंह, डॉ. एसएचस चीमा, डॉ. विक्रांत, हेल्थ इंस्पेक्टर भूपिंदर सिंह, शिव कुमार आदि मौजूद थे।
क्या होता है ‘सीरो’ सर्वे और कैसे करता है काम
‘सीरो’ सर्वे के लिए तैनात टीमें चुनिंदा इलाकों में जाकर सैंपल जमा करेंगी। जिनकी जांच के नतीजों के आधार पर यह पता चलेगा कि कोरोना के खिलाफ एंटी बॉडीज किस तरह डेवलप हो रहे हैं और उनके डेवलप होने की दर क्या है? ब्लड सैंपल की जांच करआधे घंटे में यह पता लगाया जा सकेगा कि जिस व्यक्ति का सैंपल लिया गया है, उसके अंदर हार्ड इम्युनिटी विकसित हुई है या नहीं। सैंपल की जांच के लिए एक विशेष किट इस्तेमाल की जाएगी। सभी सैंपल्स की जांच के आधार पर एनसीडीसी एक रिपोर्ट तैयार करके सरकार को सौंपेगी।
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