मोहाली। किसानों की तीस फीसदी फसल खेतों में खड़ी है और मंडियों में धान की खरीद बंद हो गई है। इससे किसानों में जबरदस्त आक्रोश है। बुधवार को किसान डीसी ईशा कालिया से मिले और खरीद का समय 20 नवंबर तक बढ़ाने की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी बात पर गौर नहीं किया गया तो वह संघर्ष के लिए सड़कों पर उतरेंगे।
मोहाली जिले की मंडियों में नौ नवंबर से ही धान की खरीद बंद हो गई है। परेशान किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश और फसलों की बिजाई में देरी से धान की फसल लेट पकी है। ऐसे में जब पंजाब के बाकी जिलों में मंडियां 12 से 15 नवंबर के बीच बंद हो रही हैं तो मोहाली में इतनी जल्दी क्या है। जिले के 30 प्रतिशत किसान ऐसे हैं, जिन्होंने फसलें काटी तक नहीं हैं। किसान अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर पंजाब सरकार के खिलाफ संघर्ष के लिए मजबूर हो रहे हैं। इस मौके मोहाली कि किसान नेता भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी जसपाल सिंह गिल, बेस्टेक पक्का मोर्चा से गुरप्रीत सिंह, मनिंदर सिंह, भारतीय किसान यूनियन राजेवाल से धर्मप्रीत सिंह खानपुर, जसदीप सिंह, राकेश जोशी, अमनप्रीत सिंह आदि किसान नेता शामिल रहे।
किसान बोले- अभी तक फसल में नमी
समूह किसान जत्थेबंदी संयुक्त मोर्चा के किसान नेता भारतीय किसान यूनियन राजेवाल जिला प्रधान कुलवंत सिंह, भारतीय किसान यूनियन लखोवाल के जिला प्रधान जसपाल सिंह नियांमिया और नछत्तर सिंह बैदवान ने बताया कि खरड़ के कुछ ऐसे इलाके हैं। जहां कमेटी का पानी फसलों को जाता है। फसल की बिजाई में देरी होने से अभी 150 एकड़ से भी अधिक इलाके की फसल में नमी है, ऐसे में कच्ची फसल को काटना किसी भी किसान के लिए भारी नुकसान वाली बात है।