लखीमपुर खीरी की घटना पर किसानों ने दिन में डीसी दफ्तर घेरा, शाम को निकाला कैंडल मार्च
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किसानों ने डीसी को मांग पत्र सौंपकर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। यूपी स्थित लखीमपुर खीरी की घटना के बाद से जिले के किसान भी सोमवार को संघर्ष की राह पर आ गए। संयुक्त किसान मोर्च के बैनर तले किसानों ने सुबह तीन घंटे तक जिला प्रबंधकीय कांपलेक्स के बाहर धरना दिया और डीसी को मांग पत्र सौंपा। वहीं, शाम को किसानों और किसान समर्थकों की ओर से विभिन्न जगह कैंडल मार्च निकाले गए। जिसमें युवा से लेकर महिलाएं तक शामिल हुईं। इस दौरान घटना की निंदा की गई। साथ ही आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। हालांकि इस दौरान पुलिस की तरफ से सुरक्षा पहरा मजबूत बनाया गया था। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
जानकारी के मुताबिक संयुक्त किसान पक्का मोर्चा के सेक्टर-66 के सचिव मनिंदर सिंह चिल्ला ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली के आदेशानुसार देश भर के किसानों की ओर से डीसी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया गया। जिसके चलते मोहाली के सभी किसान संगठनों ने सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर के 1 बजे तक डीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान काफी दिग्गज नेता धरने में डटे रहे। जबकि शाम को यूथ कांग्रेस की तरफ से फेज-7 से लेकर फेज-3-5 तक की लाइटों पर कैंडल मार्च निकाला। इसी तरह एनएसयूआई की तरफ से सेक्टर-70 एयरपोर्ट रोड पर गुरुद्वारा श्री सिंह शहीदां के नजदीक कैंडल मार्च निकाला गया और वहीं खरड़ और कुराली के विभिन्न इलाकों में भी प्रदर्शन हुए।
हरियाणा के मुख्यमंत्री पर कार्रवाई की मांग
इस मौके पर जसपाल सिहं नियामिंया ने बताया कि समूह किसान संगठन और किसान संयुक्त मोर्चे की ओर से दिए गए मांग पत्र के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अजय मिश्रा की ओर से भड़काऊ भाषण देने और नफरत फैलाने के चलते केस दर्ज किया जाए। इसके साथ ही उसे उसके पद से तुरंत बर्खास्त किया जाए। इस मौके पर उन्हाेंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने रविवार को जन तक तौर पर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को लाठीचार्ज करने और किसानों के खिलाफ हिंसा करने के लिए उकसाते हुए जारी किए वीडियों पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने बताया कि संवैधानिक पद पर बैठकर शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे अन्नदाता के विरुद्ध योजना बंदी करने और हिंसा के आदेश देने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री को तुरंत पद से हटाया जाए।