मोहाली। आखिरकार पंजाब सरकार को शहर की याद आ ही गई। रविवार को पंजाब के आवास निर्माण व शहरी मंत्री अमन अरोड़ा छुट्टी के बावजूद अधिकारियों के साथ न्यू चंडीगढ़ सहित वीआईपी शहर मोहाली में गमाडा के चल रहे प्रोजेक्ट का जायजा लेते नजर आए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। साथ ही चेतावनी देते कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले विकास कार्यों में होने वाली देरी को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। वहीं कुछ प्रोजेक्टं को लेकर अधिकारियों की प्रशंसा भी की। अमर उजाला ने समय-समय पर न्यू चंडीगढ़ में गमाडा द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्ट में हो रही देरी पर अभियान चलाकर प्रशासन को जगाने का प्रयास भी किया। इसका असर यह हुआ कि रविवार को विभाग के मंत्री अमन अरोड़ा ने न्यू चंडीगढ़ सहित अन्य बड़े प्रोजेक्ट का दौरा किया।
मंत्री अमन अरोड़ा ने न्यू चंडीगढ़ के अलावा एरोसिटी, आईटी सिटी, सेक्टर 88-89, सेक्टर-78 में स्पोर्ट्स कांपलेक्स, पूरब प्रीमियम अपार्टमेंट्स, ईको सिटी-1 और 2, मेडिसिटी, गांव सिंहपुर में 20 एमजीडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, सेक्टर-83 में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा करने के अलावा वीआईपी शहर मोहाली में चल रहे अन्य प्रोजेक्ट की प्रगति का जायजा भी लिया। वहीं न्यू चंडीगढ़ तक पीआर-7 सड़क के निर्माण और अन्य मास्टर प्लान सड़कों के निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया और कहा कि खरीददारों को जायदादों का समय पर कब्जा सौंपना उनकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस मौके उनके साथ प्रमुख सचिव आवास निर्माण और शहरी विकास अजॉय कुमार सिन्हा, गमाडा के मुख्य प्रशासक अमनदीप बांसल और चीफ टाऊन प्लानर पंजाब पंकज बावा और मुख्य इंजीनियर बलविंदर सिंह उपस्थित थे।
सेक्टर-83 के एसटीपी की अपग्रेडेशन के लिए जून 2023 समयसीमा की तय
गमाडा व अन्य विभाग के आलाधिकारियों की टीम ने मंत्री अमन अरोड़ा को बताया कि तेजी से विकसित हो रहे शहर के विकास की भविष्य की मांग को ध्यान में रखते हुए गमाडा द्वारा सेक्टर-83 में स्थित मौजूदा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता को नवीनतम एसबीआर तकनीक के साथ 10 से 15 एमजीडी तक करने के लिए अपग्रेड किया जा रहा है। वहीं अथारिटी ने मोहाली और न्यू चंडीगढ़ के निवासियों को पीने योग्य पानी की सप्लाई सुनिश्चित बनाने के लिए कजौली हेडवर्क्स से आने वाले पानी को साफ करने के लिए गांव सिंहपुर में 20 एमजीडी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट भी कार्यशील कर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत की कि इस प्रोजेक्ट को जून 2023 तक पूरा किया जाए और साफ किए गए पानी का प्रयोग फ्लशिंग और प्लांटेशन के लिए किया जाए।