मोहाली। जिला सिविल अस्पताल के सीनियर नर्स अब अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गई हैं। ऐसे में अस्पताल का अधिकतर काम प्रभावित होना शुरू हो गया है। वहीं अस्पताल प्रशासन की ओर से हालात संभलते न देख गंभीर मरीजों को सीधे चंडीगढ़ रेफर करना शुरू कर दिया है, क्योंकि अनुभवी नर्सों को हड़ताल पर चला जाने से मरीजों की देखरेख करने में समस्या आनी शुरू हो गई है। वहीं सीनियर नर्सिंग स्टाफ की नर्सों ने साफ कर दिया है जब तक उनकी मांगों पर स्वास्थ्य विभाग और पंजाब सरकार द्वारा गौर नहीं किया जाएगा वे वापस काम पर नहीं लौटेंगी। नर्सों का कहना है हम लोगों ने लाखों को खर्च कर मेडिकल कोर्स किए हैं। ऐसे में सरकार हमें ग्रेड-सी पर रख कर काम करवा रही है। जबकि हमारी अनुभव और पढ़ाई एक बी ग्रेड के कर्मचारी के बराबर है। ऐसे में हमें सरकार की किसी भी बात पर भरोसा नहीं है। ज्वाइंट एक्शन नर्सिंग कमेटी पंजाब के बैनर तले नर्सिंग अलांयस सहित अन्य भत्ते की मांग और गलत तरीके से पे कमीशन लागू करने के खिलाफ, मोहाली सिविल की 164 नर्सेज अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर आ चली गई हैं। उनकी मांग है कि पे कमीशन की सालाना क्लीयरेंस को 2011 से इंप्लीमेंट न करके 2006 से इंप्लीमेंट किया जाए। नई भर्ती की नर्सेज को बेसिक 29200 न देकर, पंजाब पे कमीशन के अनुसार बेसिक 47600 दिया जाए। केंद्र के अनुसार नर्सिंग केयर अलाउंस 7200/- प्रतिमाह, ट्रेवलिंग एलाउंस, उच्च योग्यता भत्ता एवं नाइट ड्यूटी एलाउंस, चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस केंद्र की तर्ज पर दिए जाएं।
इस संबंध में ज्वाइंट एक्शन कमेटी पंजाब ने, पंजाब सरकार को अपना मांग पत्र दे रखा है, किंतु सरकार ने अपने अडियल रवैये के चलते नर्सेज की डिमांड पर कोई एक्शन नहीं लिया है। जबकि नर्सेज ने कोविड महामारी में एवं अन्य संक्रामक बीमारियों में खुद को एवं अपने परिजनों की जान को जोखिम में डालकर लगातार सेवाएं दी हैं। सोमवार को हेल्थ सेक्रेट्री पंजाब के साथ मीटिंग भी बिना किसी रिजल्ट के खत्म हो गई और कोई परिणाम नहीं निकला। नर्सेज ने पंजाब सरकार से मांग की कि नर्सरी की मांगों को जल्द पूरा किया जाए।