नयागांव। इलाके की बढ़ती जनसंख्या और घटते संसाधनों को देखते हुए हर विभाग की ओर से नए मकान और नए बिजली पानी के कनेक्शनों पर सख्ती कर दी गई है। इलाके में भू-माफियाओं की ओर से कई अवैध कॉलोनियां बनाई जा रही थी। लेकिन अब प्लॉट मालिकोें को मकान या अन्य निर्माण करने के लिए कई विभागों से एनओसी लेनी जरूरी होगी। इसके बाद ही कोई भी प्लॉट मालिक निर्माण शुरू कर सकेगा। इसके लिए जिन विभागों से प्लॉट मालिकों एनओसी लेनी पड़ेगी इनमें नगर काउंसिल से लेकर नायब तहसीलदार, जलदाय विभाग, बिजली विभाग से निर्माण करने की अनुमति लेनी पड़ेगी।
जानकारी के मुताबिक अवैध निर्माण रोकने के लिए नगर काउंसिल ने नायब तहसीलदार, बिजली बोर्ड और जलदाय विभाग को चिट्ठी लिखी थी कि नगर काउंसिल की एनओसी के बिना किसी भी जमीन की रजिस्ट्री न की जाए और न ही बिजली-पानी के कनेक्शन दिए जाएं।
नक्शे के लिए भी जलदाय विभाग से एनओसी जरूरी
जलदाय विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इलाके में हमारे पास नए ट्यूबवेल लगाने के लिए जगह नहीं है। इलाके की जनसंख्या बढ़ती जा रही है। इस कारण इलाके में पानी की कमी आ रही है। इसलिए हमने नगर काउंसिल को लिखा है कि जब तक हम नए संसाधन नहीं जुटा लेते हैं तब तक हम इलाके में नए पानी के कनेक्शन नहीं देंगे। जिन इलाकों में हमारे पास पानी के पर्याप्त संसाधन हैं, उन्हीं इलाकों में नए मकान के नक्शे पास किए जाएं।
क्या कहते हैं अधिकारी
इलाके में अवैध निर्माण संबंधी शिकायतें आ रही थी। सुप्रीम कोर्ट की ओर से आदेश जारी किए गए थे कि शामलात जमीन पर किसी भी प्रकार का कोई निर्माण न होने दिया जाए। इसलिए यह चिट्ठी जारी की गई है। जिससे सुनिश्चित किया जा सके कि जो भी नया निर्माण होगा वह वैध जमीन पर ही होगा। -वीरेंद्र जैन, कार्यकारी अधिकारी नगर काउंसिल नयागांव।
इलाके में पानी की कमी संबंधी लगातार शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। हम अपने पुराने उपभोक्ताओं को पानी पूरा करने के बाद ही नए उपभोक्ताओं को कनेक्शन दे पाएंगे। इलाके में तीन नए ट्यूबवेल लगाए जा रहे हैं। नए ट्यूबवेल लगाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद ही हम नए कनेक्शन देंगे। इस संबंधी हमने नगर काउंसिल कार्यालय को चिट्ठी लिखी है। -राजेंद्र सचदेवा, एसडीओ, जलदाय विभाग