मोहाली। राज्य में नई सरकार बनने के साथ जिले में सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रशासन हरकत में आ गया है। शुक्रवार को डीसी ईशा कालिया ने नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के अधिकारियों व तीनों सब-डिवीजन के एसडीएम से आपात बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी है कि हाईवे के खतरनाक मोड़ों व क्रॉसिंग की शिनाख्त की जाए। साथ ही पहल के आधार पर उन्हें सुधारा जाए ताकि सड़क हादसों पर रोक लगाई जा सके।
डीसी ईशा कालिया ने शुक्रवार को अपने दफ्तर में ही बात करते अधिकारियों को कहा कि रोड सेफ्टी के काम को पूरी गंभीरता से लिया जाए। सड़क सुरक्षा को सही तरीके से यकीनी बनाकर उन स्थानों की पहचान की जाए जहां हादसों का खतरा सबसे अधिक रहता है। इस दौरान अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट डीसी को दिखाई। बैठक में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल, एसडीएम हरबंस सिंह, एसडीएम खरड़ अविकेश गुप्ता, एसडीएम डेराबस्सी स्वाति टिवाना समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
जिले में 92 स्थानों पर होते हैं सबसे ज्यादा हादसे
अभी कुछ समय पहले पंजाब पुलिस ने रोड सेफ्टी को लेकर एक स्टडी करवाई थी। उसमें खुलासा हुआ था कि मोहाली जिले में 92 ऐसे स्थान हैं जहां पर सबसे ज्यादा हादसे होते हैं। वहीं रोजाना एक व्यक्ति की मौत सड़क हादसे में होती है। हफ्ते के आखिरी तीन दिनों में सबसे ज्यादा हादसे होते हैं। इसके बाद प्रशासन की टीम ने एयरपोर्ट रोड समेत कई जगह की खामियों को सुधारा था। हालांकि इसके बाद कोरोना काल शुरू होने के चलते काम बीच में ही रह गया था। अब दोबारा से इस दिशा में कार्रवाई शुरू हुई है। उम्मीद है कि इससे लोगों को फायदा मिलेगा।