जीरकपुर के मैक डी चौक से गांव शताबगढ़ की ओर जाने वाली सड़क के किनारे खेतों में खड़ी लाल रंग की कार से युवती का शव मिलने के मामले में पुलिस ने एक ट्रेवल एजेंट मानवगीत सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 304, 201 व 34 के तहत केस दर्ज किया गया है। मानवगीत को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
मृतका निशा राणा की दिल्ली निवासी बहन अमिता की शिकायत पर पुलिस ने अजय निवासी आदमपुर (जालंधर) और मानवगीत सिंह निवासी सुल्तानपुर लोधी (कपूरथला) को नामजद किया था। मानवगीत को पुलिस ने दबोच लिया है जबकि अजय फिलहाल फरार है जिसे पकड़ने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। मानवगीत ही बुधवार को शव समेत कार खेतों में छोड़कर फरार हो गया था।
पुलिस को दिए बयान में अमिता ने बताया कि वह चार भाई-बहन हैं। वह सबसे बड़ी है, उससे छोटी निशा, फिर सपना और भाई सबसे छोटा था। निशा (38) का 2002 में तलाक हो गया था, जिसके बाद से वह पिता व छोटी बहन के साथ डेराबस्सी की कॉलेज कलोनी में रह रही थी। छोटे भाई की शादी के बाद अगस्त 2022 से मां हिमाचल में उनके साथ रह रही है। निशा विदेश में सेटल होना चाहती थी। वह बुधवार को छोटी बहन सपना को बोलकर गई थी कि वह ट्रेवल एजेंट अजय व मानवगीत से मिलने खरड़ जा रही है क्योंकि वह काफी दिनों से उसे मिलने के लिए बुला रहे हैं। निशा को दोनों युवक खरड़ सेक्टर-118 में शांति सागर होटल में ले गए और उसे ज्यादा शराब पिला दी। अधिक शराब पीने से निशा की मौत हो गई। इसके बाद युवक निशा को डाक्टर के पास ले जाने के बजाय इधर-उधर घुमाते रहे। अगर आरोपी उसे अस्पताल पहुंचा देते तो शायद वह बच जाती। निशा का शव बुधवार को खेत में खड़ी कार की पिछली सीट से बरामद हुआ था।
एमटीवी रोडीज के सातवें सीजन की रह चुकी है कंटेस्टेंट
अमिता ने बताया कि निशा एमटीवी रोडीज के सातवें सीजन में भाग ले चुकी है। वह काफी बोल्ड थी लेकिन तलाक के बाद थोड़ा परेशान रहने लगी थी। उधर, शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल डेराबस्सी में तीन डाक्टरों के बोर्ड द्वारा किया गया जहां डाक्टरों ने नशे की ओवरडोज को मौत का कारण बताया लेकिन जीरकपुर पुलिस अभी भी मौत का कारण हार्ट अटैक बता रही है। अब मौत के असल कारण का पता 15 दिन बाद आने वाली विसरा रिपोर्ट से ही चलेगा।
निशा के शव का पोस्टमार्टम तीन डाक्टरों की टीम द्वारा किया गया। जिसमें नशे की ओवरडोज से मौत की बात सामने आई है। बाकी विसरा रिपोर्ट आने पर ही पक्की पुष्टि की जा सकती है।
-डॉ. धरमिंदर सिंह, एसएमओ, डेराबस्सी सिविल अस्पताल