मोहाली। नई शिक्षा नीति के प्रभाव से भारत में पहले से ही अच्छे परिणाम दिखाना शुरू कर दिए। नई नीति में स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। इससे न केवल विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में वृद्धि होगी, बल्कि उन्हें इंजीनियरिंग, मेडिकल, आर्किटेक्चर जैसे विषयों को लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। जो अब तक केवल अंग्रेजी में ही उपलब्ध थे। यह बात रविवार को केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में कही। इस दौरान वह एफएपी राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में शिरकत करने पहुंचे हुए थे। उन्होंने 213 स्कूलों और 63 प्रिंसिपलों को सम्मानित किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति से ही राष्ट्र 50000 विदेशी विद्यार्थियों को अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आकर्षित करने में सक्षम हुआ है। निजी क्षेत्र के स्कूल भारतीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार प्रदान करते हैं। वर्तमान में स्कूल स्तर पर शिक्षकों की कुल संख्या का 41 फीसदी निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं। भारत में शिक्षा की गुणवत्ता को वैश्विक स्तर तक बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की तलाश में भारतीय छात्रों का विदेशों में रोका हुआ पलायन हो सके। वैश्विक स्तर पर भारत की प्रगति के बारे में बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विश्व बैंक और आईएमएफ जैसी वैश्विक एजेंसियों की ओर से दिए गए अनुमानों ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में वर्गीकृत किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में भारत वैश्विक निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य बन गया है। हर साल भारत देश में एफडीआई प्रवाह की मात्रा के मामले में अपना ही रिकॉर्ड तोड़ता है, जबकि दूसरी ओर, भारत से निर्यात की संख्या नई ऊंचाइयों को छूती है।
उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का एक दृष्टिकोण दिया है और आज के युवा देखेंगे कि भारत अगले 25 वर्षों में अगली वैश्विक महाशक्ति के रूप में उभरेगा। सरकार ने जानबूझकर कुछ वस्तुओं के आयात पर अंकुश लगाया है, ताकि स्थानीय निर्माताओं द्वारा स्वदेशी उत्पादन को बढ़ाया जा सके। यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा कि आज प्रदान किए गए पुरस्कार दूसरों को गुणवत्ता के मानकों पर काम करने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित करेंगे और छात्रों के सीखने के अनुभव में सुधार करेंगे। इस मौके पर एफएपी के अध्यक्ष डॉ. जगजीत सिंह धुरी ने कहा कि फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स एंड एसोसिएशन ऑफ पंजाब स्कूली शिक्षा में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
नेता पार्टी स्तर से उठकर करें काम
पंजाब में अर्थव्यवस्था की स्थिति के बारे में बात करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने कहा कि 2001 से पहले पंजाब की प्रति व्यक्ति आय राज्यों में सबसे ऊपर थी, जिसमें आज गिरावट आई है क्योंकि राज्य 16वें स्थान पर है। अन्य राज्यों की जीडीपी वृद्धि पंजाब की तुलना में अधिक है। राज्य पर आज तीन लाख करोड़ का कर्ज है। इसलिए सभी राजनीतिक दलों के लिए यह आवश्यक है कि वे पार्टी स्तर से ऊपर उठें और पंजाब में अर्थव्यवस्था की स्थिति के बारे में आत्म निरीक्षण करें। हमें पंजाब को एक बार फिर से प्रगतिशील राज्य बनाने की दिशा में काम करना होगा।