मोहाली। वीआईपी शहर में ही अब लोगों को बेहतर सेहत सुविधाएं अपने बजट में मिलेंगी। इसके लिए राज्य सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। एक तरफ जहां फेज-छह में मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है, वहीं अब सेक्टर-66 में सिविल अस्पताल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह जानकारी सोमवार को सेहतमंत्री एवं विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने दी।
सिद्धू का कहना है कि लोगों को सेहत सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए सरकार वचनबद्ध है। लोगों को कोई परेशानी न हो इसके लिए रणनीति के तहत काम किया जा रहा है।
जानकारी के मुुुताबिक पहले फेज-छह में सिविल अस्पताल था, लेकिन फिर यहां मेडिकल कॉलेज बनाने का फैसला लिया गया। इसके बाद रणनीति बनाई गई कि इस अस्पताल को कहीं बदला जाएगा। इसके लिए औद्योगिक क्षेत्र से लेकर फेज-छह स्थित बाबा बंदा सिंह बहादुर बस स्टैंड की इमारत में भी जगह भी देखी गई थी। परंतु बात नहीं बन पाई। इसके बाद कोविड काल शुरू हो गया, वहीं फिर सिविल अस्पताल की इमारत को कोविड केयर सेंटर बना दिया गया है। इसके अलावा अस्पताल को औद्योगिक क्षेत्र फेज-सात ईएसआई अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। सिविल अस्पताल कहां बनाया जाए, इसके लेकर बात अधर में थी, जिसके बाद अब दिशा में कार्रवाई हुई है।
रैफरल अस्पताल का हटेगा टैग
जानकारों का कहना है कि अगर सिविल अस्पताल सेक्टर-66 में बनता है तो इससे लोगों को काफी फायदा होगा। क्योंकि सेक्टर-66 में सिविल अस्पताल बनने से एयरोसिटी व सारे नए सेक्टर कवर हो जाएंगे। मेडिकल कॉलेज से मोहाली का आधा शहर व खरड़ सब डिवीजन क्षेत्र के लोगों को फायदा मिलेगा। इसके चलते अस्पताल के ऊपर से रैफरल अस्पताल का टैग भी खत्म हो जाएगा।
इन सेक्टरों में खुलेंगे तीन नए अस्पताल
जानकारी के मुताबिक गमाडा ने काफी समय पहले नए सेक्टर काट दिए गए थे, लेकिन वहां पर कोई सरकारी डिस्पेंसरी तक नहीं थी। लोगों को इस वजह से काफी मुश्किल होती थी। इसके बाद अब सेहतमंत्री ने इस काम में दिलचस्पी लेते हुए सेक्टर 69 और 79 में दो शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और गांव सनेटा में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने का फैसला लिया है। यह सारा काम 4 से 6 महीने में पूरा होगा, जिसके बाद लोगों को सेहत सुविधाओं को लेकर परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।