चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (सीयू) के 20 वर्षीय इंजीनियरिंग के छात्र हितेश को हनी ट्रैप का शिकार बना कर बंधक बनाने के मामले में चालान पेश किया गया। इसमें तीनों आरोपियों पर आरोप तय किए गए हैं। इसके दो दिन बाद आरोपियों को अदालत में पेश करने के लिए आदेश दिया था लेकिन जेल अधिकारियों द्वारा उन्हें पेश न करने पर अब अदालत ने तीन दिसंबर को पेश करने के लिए वारंट जारी किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी राखी को फेसबुक पर नकली आईडी बनाकर जालसाजी करके फंसाने के आरोप तय किए गए हैं। इसके अलावा उसके दो साथियों अजय कादियान वासी जाटल (पानीपत) और अजय वासी सिरसा पर पीड़ित के साथ मारपीट करने और अवैध रूप से बंधक बनाने के भी आरोप हैं।
यह है मामला
मोहाली के एक निजी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली एमबीए की छात्रा राखी ने सीयू में पढ़ने वाले हितेश को एक मॉल के पास बुलाया। जब वह वहां आया तो राखी ने अपने दो दोस्तों अजय कादियान और अजय के साथ मिलकर कार में बिठाकर उसे अगवा कर लिया था। कार में बिठाने के बाद उसकी आंखों में मिर्ची भी डाली। फिर वे तीनों उसे खरड़ स्थित रंजीत नगर के एक फ्लैट में ले गए। इसके बाद हितेश की मां को फोन करके 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। बाद में घरवालों की शिकायत पर पुलिस ने टीमें बनाकर जांच शुरू कर दी। हितेश के अगवा होने के बाद पुलिस ने 48 घंटे में ही कुरुक्षेत्र और उत्तराखंड पुलिस की मदद से सुलझा लिया था।
सोशल साइट पर दोस्ती करके लोगों को फंसाते थे आरोपी
अजय कादियान और राखी लिव-इन-रिलेशनशिप में रहते थे। अजय भी इनका साथी था। ये शातिर पहले विभिन्न सोशल साइट पर अकाउंट बनाकर लोगों से दोस्ती करते थे। इसके बाद राखी उनसे ऑनलाइन चैट करती थी।
एक की दवाइयों की दुकान तो दूसरा कर रहा था एमबीबीएस की पढ़ाई
हितेश का अपहरण करने वाले शातिर अच्छे घरों से थे। अजय कादियान ने बी. फार्मा कर रखी है और उसकी पानीपत में दवा की दुकान है। वहीं अजय मोहाली के ही एक संस्थान से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। दोनों को अच्छी तरह मालूम था कि आदमी को कितनी मात्रा में नशीले इंजेक्शन लगाकर बेहोश रखा जा सकता था।