मोहाली। जिले भर के युवाओं को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन करने के दौरान अब मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए डाक्टरों के पास जाने की जरूरत नहीं है। बल्कि मेडिकल सर्टिफिकेट के बिना युवा आवेदन देकर लाइसेंस बनवा सकेंगे। यह जानकारी आरटीए में कार्यरत बतौर सेक्शन ऑफिसर दर्शन सिंह भाटिया ने अमर उजाला के साथ साझा की है। उनका कहना है कि युवाओं की इस दिक्कत को देखते हुए विभाग ने यह फैसला लिया है।
जानकारी के मुताबिक वीआईपी मोहाली जिले में रहने वाली नई पीढ़ी के अधिकतर युवाओं को अपनी पढ़ाई, खेलकूद और अन्य कंपीटीशन, परीक्षा संबंधी जरूरी कोर्सों को लेकर इधर से उधर आना-जाना पड़ता है। एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता है। जबकि अधिकतर युवा ऐसे होते हैं, जिनकी क्लासेज अलग-अलग बैच के अनुसार देर शाम तक चलती हैं और ऐसे युवाओं की क्लासेज की टाइमिंग का मेल पब्लिक ट्रांसपोर्ट से नहीं होता। जो बाद में आवाजाही को लेकर मुश्किलों का सामना करते हैं। दूसरी ओर ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े, इसलिए आज की युवा पीढ़ी पब्लिक ट्रांसपोर्ट के बजाय खुद का दोपहिया वाहन लेकर आवाजाही करना पसंद करती है, जिससे मुश्किल से मुश्किल स्थिति में आवाजाही को लेकर परेशानियों का सामना न करना पड़े।
मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए काटने पड़ते हैं चक्कर
जानकारी के मुताबिक अधिकतर युवाओं को ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर आवेदन देने में मेडिकल सर्टिफिकेट परेशानी बनता है। क्योंकि मेडिकल सर्टिफिकेट को लेकर अस्पताल में डाक्टरों के पास कई-कई दिन तक चक्कर काटने पड़ते हैं। दूसरी ओर, कई दिनों की लंबी प्रक्रिया से बचने के लिए अधिकतर युवा ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं करते और बाद में ट्रैफिक नियमों की अवहेलना के कारण परेशानियों का सामना करते हैं। दूसरी ओर, युवाओं की परेशानियों को देखते हुए आरटीए ने बदलाव करते हुए पहली बार ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर आवेदन देने वाले युवाओं को मेडिकल सर्टिफिकेट से छूट दे दी है।
युवाओं नहीं मेडिकल सर्टिफिकेट देने की जरूरत
पहली बार ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले युवाओं को मेडिकल सर्टिफिकेट देने की जरूरत नहीं है, बल्कि बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के आवेदन देकर लाइसेंस बनवा सकेंगे।
-दर्शन सिंह भाटिया, सेक्शन ऑफिसर, आरटीए, मोहाली।