मोहाली। स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में वीआईपी शहर की रैंकिंग सुधारने के लिए नगर निगम ने अभी से ही प्रयास शुरू कर दिए हैं। इस मामले को लेकर शुक्रवार को नगर निगम के मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने नगर निगम के अधिकारियों की क्लास लगाई। उन्होंने अधिकारियों और स्टाफ को रैंकिंग सुुधारने के फंडे समझाए। इस मौके पर डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी, निगम कमिश्नर कमल गर्ग और संयुक्त कमिश्नर हरजीत कौर विशेष तौर पर शामिल रहे।
मेयर ने मीटिंग में नगर निगम के इंजीनियरिंग और सैनिटेशन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 की तैयारियां अभी से की जाएं। पिछली बार जो खामियां रह गई थीं उनको पहल के आधार पर दूर किया जाए, ताकि मोहाली को सर्वेक्षण में नंबर एक बनाया जा सके। मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने कहा कि इस संबंधी सर्वेक्षण की जो टूल किट जारी की गई है उसी हिसाब से तैयारी की जाए। शहर की समूह समाजसेवी संस्थाओं, व्यापारिक संस्थाओं, औद्योगिक संस्थाओं, धार्मिक संस्थाओं और इलाकों के पार्षदों से संपर्क किया जाए। साथ ही कूड़ा पैदा होने वाली जगह पर सोर्स सेग्रिगेशन का प्रबंध किया जाए। इसके साथ ही मोहाली सिटी को प्लास्टिक फ्री बनाने के लिए प्रेरित किया जाए। इतना ही नहीं प्लास्टिक बनाने और बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए।
इस मौके पर नगर निगम के अधिकारियों ने मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू को विश्वास दिलाया कि वह मोहाली शहर को स्वच्छ सर्वेक्षण में नंबर-1 लाने के लिए प्रयास करेंगे। इस मौके पर नगर निगम के मेडिकल हेल्थ अफसर डॉ. तमन्ना और एक्सईएन हरप्रीत सिंह के अलावा कई अधिकारी मौजूद थे।
मलबा गिराने के लिए तय किए जाए प्वाइंट
मेयर अरमजीत सिंह जीती सिद्धू ने अधिकारियों को साफ कहा है कि मोहाली में हो रहे नए निर्माण में बचने वाले मलबे को गिरने और इसके प्रबंधन के लिए मोहाली में प्वाइंट बनाए जाएं। साथ ही यह तय किया जाए कि जो प्वाइंट तय किए जाएंगे, केवल वहीं पर लोगों को मलबा गिराना होगा। याद रहे कि इससे पहले मलबा गिराने के लिए जगहों की निशानदेही की गई थी, लेकिन अब उक्त जगह मलबे से पूरी तरह भर चुकी है।
स्वच्छ सर्वेक्षण में मोहाली की रैंकिंग सुधरी
स्वच्छ सर्वेक्षण में वीआईपी शहर का इस बार शानदार प्रदर्शन रहा है। सर्वेक्षण में नगर निगम मोहाली को 81वां स्थान मिला है। यह पहला मौका है जब स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर निगम की की रैकिंग टॉप-100 शहरों में शामिल हुई है। जबकि ट्राइसिटी की बात करें तो चंडीगढ़ और पंचकूला दोनों की रैंकिंग गिरी है। चंडीगढ़ टॉप-50 में रहा तो पंचकूला का नंबर तो मोहाली से भी नीचे 91 पर चला गया। जबकि पिछले साल मोहाली की रैैंकिंग 157 रही थी और इसमें 76 अंकों का सुधार हुआ है।