इसके बाद उनके दो और साथी दुकान के अंदर दाखिल हो गए। इनमें से एक ने मंकी कैप जबकि दूसरे ने सामान्य टोपी लगा रखी थी। इसके बाद चारों आरोपियों ने उन्हें गालियां निकालनी शुरू कर दीं। इसके बाद वह काउंटर वाली साइड आ गए और फिर राजेश को वहां से लेकर बेसमेंट की तरफ चले गए जबकि फिर उनके बेटे को भी बेसमेंट की सीढ़ियों पर ले गए और दोनों को वहां बंधक बनाकर खड़ा कर दिया। इसके बाद लुटेरों ने दुकान की खुली पड़ी सेफ से चार लाख रुपये नकदी, करीब 20 किलोग्राम चांदी और काउंटर में रखे नौ ग्राम सोने के गहने बैग में डाले और बाहर खड़ी ग्रे रंग की बलेनो कार में बैठकर फरार हो ग्रए।
दुकानदार के बेटे ने खुद को छुड़ाया फिर पड़ोसी के फोन से पुलिस को दी सूचना
पीड़ित ज्वेलर के बेटे अभय ने बताया कि जब लुटेरे दुकान लूटकर भागने लगे तो उसने हिम्मत करके जैसे-तैसे अपने आपको बंधन से छुड़ाया। इसके बाद उसने अपने पिता को बंधनमुक्त किया। लेकिन जब तक वे बंधनमुक्त होकर बाहर पहुंचे, आरोपी वहां से फरार हो चुके थे। इसके बाद उन्होंने पड़ोसी दुकानदार के फोन से पुलिस को फोन किया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई।
रेकी कर दिया वारदात को अंजाम
पुलिस का कहना है कि जिस तरह यह वारदात हुई है, उससे यह साफ पता चलता है कि आरोपियों ने पूरी रेकी करने के बाद ही वारदात को अंजाम दिया है क्योंकि आरोपियों ने खुद को मार्केट में लगे सीसीटीवी कैमरों से पूरी तरह बचाया है। उन्हें यह पता था कि दुकान तक सीसीटीवी कैमरों से कैसे बचकर पहुंचना है और कहां से फरार होना है।
ज्वेलर एसोसिएशन ने जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने की मांग की
जब वारदात का पता मोहाली ज्वेलर्स एसोसिएशन को पता चला तो प्रधान सरबजीत सिंह पारस व एसोसिएशन के सदस्य वहां पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन पीड़ित परिवार के साथ हैं। इस दौरान उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई है कि आरोपियों को जल्द ही काबू किया जाए।