जीरकपुर। मानसून की पहली बरसात से शहर में जगह-जगह टूटी सड़कों और गड्ढों में वाहनों के फंसने और लोगों के घरों के आगे गलियों में जाम कई फुट पानी से लोगों को भारी दिक्कत हुई। लोगों को सड़कों पर आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा और बहुत से लोगों के वाहन सड़कों पर बने गड्ढों में फंसने से नुकसान हुआ।
निगम परिषद के अधिकारियों की लापरवाही के कारण लोगों की परेशानी देखते हुए समाज सेवी संस्था ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने नगर परिषद के अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संस्था के प्रधान सुखदेव चौधरी ने शहर की विभिन्न कॉलोनियों का दौरा करने के बाद कहा कि नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी की कामों में कोताही और गैर जिम्मेदारी के कारण शहर में पहली ही बारिश में तबाही मच गई। तकरीबन सभी इलाकों के लोगों के लिए आफत खड़ी हो गई। वहीं, सैकड़ों लोगों की गाड़ियां पानी में डूब गई और कई जगह जलभराव की समस्या आई है। चौधरी ने कहा कि नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने पिछले साल कार्यभार संभालने के बाद शहर में अवैध निर्माणों को बढ़ावा देने, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नक्शे और कॉलोनियों पास करने के अलावा दूसरा कोई काम नहीं किया।
उन्होंने कहा कि जो सड़कें तीन माह पहले बनाई गई थीं वह सोमवार-मंगलवार को हुई बारिश में बह गई। शहर में जहां सड़कों की जरूरत थी, आजतक वहां सड़कें नहीं बन पाई हैं और हालात यह हैैं कि अवैध निर्माणों के कारण यहां पानी निकासी का कोई प्रबंध नहीं है।
हालात यह हैं कि यहां आज भी लोग बरसाती पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। बरसाती पानी जमा होने से बीमारियां पैदा होने का खतरा बढ़ गया है। जीरकपुर के लाखों लोगों को संकट में डालने के लिए कार्यकारी अधिकारी को जिम्मेदार ठहराते हुए सुखदेव चौधरी ने कहा कि ईओ बताएं कि उन्होंने एक साल के कार्यकाल के दौरान कब-कब जनता दरबार लगाए हैं और कब-कब वह लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए फील्ड में उतरे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर ईओ समय रहते जीरकपुर में जल निकासी की समस्याओं का समाधान करवाते तो यहां के लाखों लोगों को पहली ही बारिश में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता। जबसे संदीप तिवारी ने परिषद में कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला है तभी से परिषद विवादों में घिरी हुई है।