मोहाली। एक ओर शहर में फायर सेफ्टी मानकों को पूरा न करने वाली कंपनियों पर फायर विभाग ने शिकंजा कसा हुआ है। तो दूसरी तरफ उद्योगपति फायर विभाग के नोटिसों का तोड़ निकालने में लग गए हैं। वह इस मामले को लेकर नगर निगम की शरण में पहुंच गए हैं। उनकी दलील है कि नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 के मुताबिक जो मानक हैं वह उन पर फिट नहीं बैठते हैं। इसके अलावा एनओसी की फीस से लेकर कई मुद्दे उनकी तरफ से नगर निगम के सामने उठाए गए हैं। जबकि नगर निगम की ओर से इस संबंध में निकाय विभाग को पत्र लिख दिया गया है। हालांकि फायर विभाग के अधिकारियों की मानें तो निर्धारित नियमों का सभी को पालन करना होगा।
जानकारी के मुुताबिक फायर विभाग की ओर से पिछले साल अक्तूबर-नवंबर में इंडस्ट्रियल यूनिट चलाने वाले उद्योगपतियों पर सख्ती की। फायर विभाग की दलील थी कि इन यूनिटों में सैकड़ों लोग रोजाना काम करते हैं। ऐसे में बिना फायर सेफ्टी के इंतजामों से काम करेगी तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। इसके साथ ही नियमों का पालन न करने वाली करीब 150 कंपनियों को नोटिस दिया गया था। साथ ही उन्हें पहल के आधार पर फायर सेफ्टी नॉर्म्स के तहत विभाग से एनओसी लेने के लिए कहा गया था। लेकिन इनमें से कुछ लोगों ने तो एनओसी के लिए आवेदन किया और साथ ही शर्तें पूरी कर लीं। जबकि कुछ उद्योगपति नगर निगम की शरण में पहुंच गए। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को दलील दी है कि फायर सेफ्टी के इंतजाम करना उनके लिए बहुत मुश्किल है। उनकी इमारतें काफी पुरानी हैं। यहां पर उस हिसाब से इंतजाम नहीं किए जा सकते। साथ ही उनकी एक यह दलील थी कि एनओसी उनको एक साल की नहीं, बल्कि तीन साल के लिए दी जाए।
अब फीस को लेकर भी उद्योगपतियों की दलील
पहले फायर विभाग से एनओसी के लिए कंपनियों को 5000 रुपये फीस भरनी होती थी। लेकिन नए नियमों के मुताबिक कंपनी के साइज केे हिसाब से फीस ली जाती है। ऐसे में यह 25 से लेकर 50 हजार तक हो गई। इस चीज से भी उद्योगपति आहत हैं। उन्होंने नगर निगम से मांग की है कि उक्त फीस में कटौती की जाए। लेकिन यह चीज संभव नहीं है। क्योंकि यह राज्य सरकार का नियम है। ऐसे अगर अधिवेशन जारी होता है तो पूरे पंजाब के लिए होगा, अकेले मोहाली के लिए नियम नहीं हैं।
पूरे करने होंगे मानक
फायर सेफ्टी के नियमों के मुताबिक शहर के उद्योगपतियों को मानकों का पालन करना ही होगा। इसके मुताबिक सभी को एनओसी लेनी होगी। अगर ऐसा नहीं किया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -मोहन लाल वर्मा, सहायक मंडल फायर अधिकारी।