जीरकपुर। इस बार भी मानसून की पहली बारिश ने जीरकपुर नगर काउंसिल के दावों की पोल खोल दी है। हालांकि नगर काउंसिल को बारिश के पानी के नालों को मानसून से पहले साफ करना होता है जिससे बारिश के मौसम में शहर में पानी न भर जाए, लेकिन नगर काउंसिल ने पहले ऐसा कुछ नहीं किया और इस बार बारिश के पानी की नालियों की सफाई नहीं की गई है। नतीजा, पहली बारिश में पूरा जीरकपुर जलमग्न हो गया।
हालांकि जीरकपुर नगर काउंसिल अध्यक्ष उदयवीर सिंह ढिल्लों ने विधायक कुलजीत सिंह रंधावा पर विकास कार्य नहीं करने देने का आरोप लगाया है और कहा कि नगर काउंसिल के अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। जीरकपुर पटियाला रोड की हालत इतनी खराब थी कि वाहनों को पानी में डूबने के डर से लोग पहले से ही अपने वाहन पार्क कर रहे थे, जिसके कारण जीरकपुर अंबाला रोड और जीरकपुर पटियाला रोड पर करीब तीन से चार किलोमीटर लंबी लंबी कतार लग गईं और जाम की स्थिति बनी रही।
बलटाना के विकास नगर में बरसाती नाले के ऊपर बनी सड़क धंस गई, जिससे पास में बने मकान के ढहने का खतरा पैदा हो गया है। हालांकि, मकान मालिक ने कहा है कि उसने अभी-अभी घर लिया है और नहीं जानता था कि यह एक नाले पर बना है और कभी भी बारिश के पानी की चपेट में आ सकता है।
जीरकपुर के गोदाम क्षेत्र में रोज की तरह सड़कों पर डेढ़ से दो फुट पानी भर गया। हालांकि गोदाम क्षेत्र में नई टाइलें लगाई जा रही हैं, लेकिन इन टाइलों के नीचे सीवरेज कवर दबे होने के कारण जल निकासी नहीं हो रही है। गोदाम मालिकों का आरोप है कि जब सड़क बन रही थी तो उन्होंने बार-बार सड़क ठेकेदार से सीवरेज का ढक्कन सड़क के ऊपर रखने को कहा लेकिन उन्होंने नहीं सुनी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने इस संबंध में जीरकपुर नगर काउंसिल में शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। हालांकि नगर काउंसिल के अधिकारी मौके पर ही ढक्कन ढूंढ़ने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उन्हें एक-दो कवर के अलावा सड़क के नीचे सीवरेज कहां रखा गया, इसका पता नहीं चल सका।