पाॅल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मानकों का पालन नहीं कर रहा था गमाडा
फ्लैट, प्लाट, घर या दुकान बेचने पर भी प्रतिबंध
माई सिटी रिपोर्टर
मोहाली। गमाडा की लापरवाही की वजह से अब पूरब प्रीमियम अपार्टमेंट में निर्माण कार्य नहीं हो सकेगा। यह निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने के लिए पहले तो गमाडा को पंजाब पाॅल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मानकों का पालन करना पड़ेगा और उसके साथ ही 1.02 करोड़ रुपये की पैनल्टी भी देनी होगी।
पूरब प्रीमियम अपार्टमेंट सेक्टर-88 मोहाली में है। इसके निर्माण कार्य के दौरान पंजाब पाॅल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की टीम ने यहां पर पर्यावरण के नियमों की उल्लंघन पाया। इसमें यह भी पाया गया कि यहां पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी नहीं था। इसी वजह से पंजाब पाॅल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने यहां गमाडा द्वारा निर्मित फ्लैट, प्लाट, घर या दुकान को बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है। पीपीसीबी के आदेशों के अनुसार यहां पर कोई नया निर्माण नहीं होगा और फ्लैट सेल भी नहीं किया जा सकेगा।
पीपीसीबी के आदेशों के अनुसार कोई भी रेवेन्यू अथारिटी प्लाट, फ्लैट, घर या दुकान की कोई सेल डीड रजिस्टर नहीं कर सकती है। जानकारी के अनुसार पूरब प्रीमियम अपार्टमेंट में 970 फ्लैट बन चुके हैं और 800 परिवार यहां रहते हैं। इस मामले में गत वर्ष नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में रेजिडेंट्स ने शिकायत की थी। इसके बाद एनजीटी ने ही पीपीसीबी को निर्देश दिए थे। जांच के दौरान पीपीसीबी अधिकारियों ने पाया था कि गमाडा पूरी तरह से वाटर एक्ट 1974 का उल्लंघन कर रहा था।