मोहाली। शहर के अधिकतर सेक्टरों और फेजों की देखभाल व अन्य जिम्मेदारियां नगर निगम उठाता है। इसके बावजूद गमाडा से मंजूरी लिए बिना नगर निगम एक ईंट तक इलाके में नहीं लगा सकता है। इस प्रक्रिया में कई बार इतना समय लग जाता है कि लोगों को इसका नुकसान उठाना पड़ता है।
शहर में ऐसे कई प्रोजेक्ट हैं जो इस चक्कर में अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाए हैं जबकि इन्हीं प्रोजेक्टों से पड़ोसी शहर पंचकूला और चंडीगढ़ पूरे देश को राह दिखा रहे हैं। राज्य में अब नई सरकार आने से उम्मीद जताई जा रही है कि अब सिस्टम में बदलाव आएगा और मोहाली विकास की राह पर होगा।
सात साल पहले वेंडिंग जोन बनाने का काम हुआ था शुरू, अब तक रेहड़ी-फड़ी वालों नहीं अलॉट की जगह
सात साल पहले शहर के बाजारों और विभिन्न जगह को अतिक्रमणमुक्त बनाने के लिए वेंडिंग जोन बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी लेकिन अब तक रेहड़ी-फड़ी वालों को जगह अलॉट नहीं हुई है। नगर निगम ने अपने स्तर पर रेहड़ी-फड़ी वालों के सर्वे से लेकर कार्ड बनाने तक की सारी प्रक्रियाएं पूरी कर लीं लेकिन नगर निगम के पास जगह नहीं होने से प्रोजेक्ट की रफ्तार धीमी पड़ गई। नगर निगम ने गमाडा से वेंडिंग जोन बनाने के लिए जगह की मांग की। गमाडा ने इस पर कार्रवाई करते हुए करीब सात साइटों की सूची नगर निगम को भेज दी। गमाडा से सूची मिलने के बाद निगम ने जैसे ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया तो इलाके के लोगों ने विरोध कर दिया। उनकी दलील थी कि अधिकतर साइट्स धार्मिक स्थलों के आसपास दी गईं जिससे बाद में उन्हें परेशानी उठानी पड़ेगी। लोगों के विरोध के बाद प्रोजेक्ट फिर से ठंडे बस्ते में चला गया। इसी बीच दो साल कोरोना में निकल गए, लेकिन यह काम पूरा नहीं हो पाया। हालांकि पंचकूला और चंडीगढ़ में वेंडिंग जोन बनाने समेत सारा काम पूरा हो चुका है।
काफी समय तक लटका रहा साइकिल ट्रैक का प्रोजेक्ट
ट्राइसिटी में एक साथ साइकिल ट्रैक बनाने का प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। मोहाली को छोड़कर चंडीगढ़ और पंचकूला में साइकिल ट्रैक बन गए हैं। साथ ही साइकिल शेयरिंग जैसे प्रोजेक्ट कामयाबी से चल रहे हैं लेकिन इलाके में साइकिल ट्रैक का प्रोजेक्ट भी अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। पहले चरण में फेज-आठ से गुरुद्वारा सिंह शहीदां तक साइकिल ट्रैक बनाने की योजना बनी लेकिन गमाडा द्वारा करवाए अध्ययन के बाद मंजूरी नहीं मिली। फिर निगम ने फेज-11 से फेज-आठ इंडस्ट्रियल एरिया तक प्रोजेक्ट बनाने का सपना देखा लेकिन यह भी हवा में रह गया। अब एयरपोर्ट रोड पर स्थित इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8बी से स्पाइस चौक से होते हुए गांव मोहाली तक 81 लाख रुपये से साइकिल ट्रैक बनाया जाएगा।
अब पूरे इलाके में एक ही एजेंसी करती है काम
इलाके में पहले कई सरकारी एजेंसियां जैसे गमाडा, नगर निगम व इंडस्ट्रियल डिपार्टमेंट काम करते थे। इस चक्कर में लोगों को काफी परेशानी आती थी। लोगों को यहीं पता नहीं होता था कि आखिर प्रोजेक्ट कौन देख रहा है। इसके बाद यह मामला सरकार तक पहुंचा तो नगर निगम को इलाके के सारे कामों की देखभाल की जिम्मेदारी दी गई। इसके लिए हर साल गमाडा को नगर निगम को पचास करोड़ रुपये देने थे। अभी तक गमाडा पर करीब 100 करोड़ रुपये बकाया है। उम्मीद है कि नए वित्तीय वर्ष में यह राशि नगर निगम को मिलेगी।
कोट
गमाडा से पत्राचार चल रहा है। गमाडा से साइटों की अनुमति मिलने के बाद प्रोजेक्ट आगे बढ़ेगा। हालांकि टाउन वेंडिंग कमेटी गठित कर दी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही यह काम पूरा हो जाएगा। -रनजीव सिंह, सचिव नगर निगम