मोहाली। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) ने अपने अधीन आने वाले एरिया में रविवार से पानी की बर्बादी करने वालों के चालान करने का फैसला किया है। इसके साथ ही लोगों को फुल प्रेशर से पानी मुहैया करवाने के लिए गमाडा ने फैसला लिया है।
पहली बार पानी की बर्बादी करने पर एक हजार रुपये का चालान होगा, जबकि दूसरी बार पकड़े जाने पर दो हजार और तीसरी बार पकड़े जाने पर सीधे पानी का कनेक्शन ही काट दिया जाएगा। इसके बाद कनेक्शन बहाली के लिए पहले पांच हजार रुपये जुर्माना भरना होगा। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश गमाडा के मुख्य इंजीनियर ने जारी किए हैं। साथ ही लोगों से सहयोग की अपील की है।
जानकारी के मुताबिक गर्मियां शुरू होने के साथ ही पानी की खपत बढ़ गई है। ऐसे में सभी लोगों को फुल प्रेशर से जरूरत के हिसाब से पानी मिलने के लिए ही गमाडा ने सारे कदम उठाए हैं। गमाडा के अधीन एयरोसिटी, आईटी, इको सिटी के अलावा अधिकतर नए बस रहे एरिया आते हैं। गमाडा के आदेशों के मुताबिक अब स्कूटर, कार व अन्य गाड़ियों को नल पर पाइप लगाकर धोने पर पाबंदी लगाई गई है। आंगन, फर्श और सड़कों को धोने पर भी मनाही रहेगी। पानी के टैंकों, कूलरों आदि के ओवरफ्लो होने पर भी कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं पानी के मीटर तक आने वाली पाइप में भी लीकेज नहीं होनी चाहिए। अगर ऐसा होता है तो यह भी नियम तोड़ने की कैटेगरी में आएगा। हालांकि घरों में रखे गमलों, बगीचों में शाम पांच बजे पानी देने की अनुमति दी गई है।
निर्माणाधीन साइटों पर भी रखी जाएगी नजर
गमाडा अधिकारियों का कहना है कि किसी के एससीओ, बूथ और प्लॉट में यदि निर्माण कार्य चल रहा है। वहां पर भी पानी की बर्बादी पाई जाती है तो एक बार चेतावनीपत्र जारी करने के बाद पानी का कनेक्शन ही काट दिया जाएगा।
गमाडा ने पानी बचाने के दिए टिप्स
1. घर में चलने वाले एसी, आरओ व प्यूरीफायर से निकलने वाले पानी को घर में बर्तन साफ करने या पौधों के लिए प्रयोग किया जा सकता है।
2. कारों को नल से पाइप लगाने के बजाय बाल्टी से धोकर पानी बचाया जा सकता है।
3. पेशाब करने के बाद पानी की टंकी से फ्लश करने के बजाय डिब्बे से पानी डालकर कम से कम एक बार तीन से पांच लीटर पानी बचाया जा सकता है।
4. बर्तनों को नल चलाकर धोने के बजाय बाल्टी में धोया जाए।
5. हाथ, मुंह आदि धोने के लिए कम से कम पानी प्रयोग किया जाए।
6. पौधों को देर रात पानी देने से सूरज की तपिश से भापकर बनकर उड़ने वाले पानी को बचाया जा सकता है।
7. सब्जियों को नल चलाकर धोने के बजाय कंटेनर में डालकर धोना चाहिए।
8. नहाने के लिए फव्वारे का प्रयोग न किया जाए।