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चंडीगढ़ से सटे गांव झामपुर और तीड़ा में काटी चार अवैध कॉलोनियां, गमाडा ने गिराए अवैध निर्माण

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मोहाली। चंडीगढ़ से सटे गांव झांमपुर और गांव तीड़ा में काटी गई चार अवैध रिहायशी कॉलोनियों में गमाडा ने सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद सोमवार को कार्रवाई की। इस दौरान गमाडा की टीम ने जेसीबी की मदद से यहां पर किए गए अवैध निर्माण गिराए। कॉलोनाइजर ने यह सभी अवैध कॉलोनियां खेतीबाड़ी की जमीन पर काटी हुई थीं। इन कॉलोनियों को काटने से पहले किसी भी तरह की अनुमति ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) से नहीं ली गई थी। इसलिए गमाडा ने कार्रवाई करते हुए यहां पर बनाए जा रहे मकान और दुकानों के करीब 50 अवैध निर्माणों को गिरा दिया है। साथ ही गमाडा के अधिकारियों ने लोगों को हिदायत दी है कि वह इस इलाके में किसी भी प्रकार का कोई भी निर्माण न करें।
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गमाडा की टीम जब गांव झांमपुर और तीड़ा में पहुंची तो पहले यहां पर चल रहे अवैध निर्माणों को रुकवा दिया। इसके बाद यहां पर कुछ दिनों पहले ही बनाए गए अवैध निर्माणों को जेसीबी से गिराते समय इस पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करवाई है। जिससे जब यह मामला अदालत में पहुंचे तो गमाडा का पक्ष कमजोर न पड़े। गमाडा के अधिकारियों के मुताबिक यह सभी कॉलोनियां बड़े बिल्डरों और प्रमोटरों की तर्ज पर काटी गई थीं। इतना ही नहीं इनमें लोगों की ओर से मकानों के साथ दुकानें भी बनाई जा रही थीं। इस दौरान जब गमाडा की टीम की ओर से कार्रवाई की जा रही थी तो कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। उनकी दलील थी कि उन्होंने खून-पसीने की कमाई से प्लॉट खरीदकर यहां पर निर्माण किए हैं। उन्होंने यहां पर सभी सरकारी नियमों का पालन किया है। जबकि गमाडा उनके साथ धक्केशाही कर रहा है। वहीं गमाडा के अधिकारियों की दलील थी कि इस जमीन पर निर्माण नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह खेतीबाड़ी की जमीन है।
चार-पांच एकड़ में काटी है कॉलोनियां
गमाडा के अधिकारियों के मुताबिक कॉलोनाइजरों की ओर से यहां पर चार-पांच एकड़ जमीन में अवैध कॉलोनियां काटी गई थीं। इन कॉलोनियों में सड़कें, सीवरेज से लेकर अन्य सभी इंतजाम किए जा रहे थे। यहां के बिल्डरों ने लोगों को विश्वास दिलाया था कि उन्हें किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत आएगी तो वह उनकी हर संभव मदद करेंगे। हालांकि इस मौके पर कोई बिल्डर मौजूद ही नहीं था।
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इलाका निगम में शामिल होगा, यह झांसा देकर बेचे प्लॉट
अवैध कॉलोनियों में प्लॉट बेचने वाले कॉलोनाइजर काफी शातिर हैं। वह लोगों को झांसा देते हैं कि उक्त इलाका जल्द ही नगर निगम मोहाली में शामिल होने वाला है। सरकार बनने बाद के तुरंत इस संबंधी कार्रवाई हो जाएगी। इस वजह से कई लोगों ने इनकी बातों में आकर यहां पर प्लॉट खरीदे थे। यहां प्लॉट खरीदने वालों में सबसे ज्यादा बाहरी राज्यों के लोग शामिल हैं।
गमाडा लगाता है सूचना बोर्ड, वेबसाइट पर भी देता है जानकारी
लोग अवैध कालोनियों में प्लॉट लेकर न फंस जाएं, इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए गमाडा अहम भूमिका निभाता है। गमाडा की ओर से अवैध कॉलोनियों का पता लगने पर वहां पर अवैध जमीन की सूचना के बोर्ड लगवाए जाते हैं। साथ ही अपनी वेबसाइट पर मंजूर कॉलोनियां का विवरण अपलोड किया जाता है। लोगों को जागरूक किया जाता है कि कोई भी जमीन खरीदने से पहले पूरी जांच कर लें।
पुलिस केस दर्ज करवाता है गमाडा
जो कॉलोनाइजर या बिल्डर अवैध कॉलोनियां काटते हैं। उन पर गमाडा की ओर से सख्त कार्रवाई की जाती है। उनके खिलाफ पुलिस में धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया जाता है। कई नामी बिल्डरों पर केस अभी मोहाली अदालत में चल रहे हैं। करीब दो साल पहले अवैध कॉलोनियां काटने वाले 33 बिल्डरों पर केस दर्ज हुए थे। वहीं, कुछ दिन पहले 7 अवैध कालोनियां काटने का मामला सामने आया था। इस संबंधी गमाडा ने पुलिस को शिकायत दी है। अब पुलिस की ओर से आने वाले समय में केस दर्ज किया जाएगा।
गमाडा की टीमें कर रहीं सर्वे
शहर में जहां कहीं भी कॉलोनाइजर बिना अनुमति के अवैध कॉलोनी काट रहे हैं इसका पता लगाने के लिए सर्वे किया जा रहा है। इसमें पता लगाया जा रहा है कि कोई भी कॉलोनी काटने से पहले क्या इसकी अनुमति गमाडा की ओर से ली गई है या नहीं। वहीं कोई भी कॉलोनी काटने के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी की गई हैं या नहीं और कॉलोनी का नक्शा गमाडा से पास है या नहीं। जिससे गमाडा अवैध कॉलोनी के निर्माण पर रोक लगा सके। इसके साथ ही लोगों को हिदायत दी जा रही है कि वह कोई भी प्लॉट खरीदते समय उस कॉलोनी के सभी कागजात चेक कर लें और तभी प्लॉट खरीदें। उनकी टीमें पूरे इलाके में रोजाना सर्वे कर रही हैं। जहां भी अवैध निर्माण मिलेगा, उसे पहल के आधार पर गिराया जाएगा।- हरप्रीत सिंह, एसडीओ, गमाडा।
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