मोहाली। एक ओर जहां कुछ दिनों से विधायक बलबीर सिंह सिद्धू विभिन्न सरकारी विभागों से नगर निगम को करोड़ों रुपये की बकाया राशि दिलाने के दावे कर पूर्व मेयर कुलवंत सिंह पर जुबानी हमला बोल रहे थे। साथ ही खुद की और निगम पर काबिज कांग्रेसी पार्षदों की पीठ थप थपा रहे थे। वहीं, सोमवार को इस मु्द्दे पर पूर्व मेयर कुलवंत सिंह ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए विधायक पर जवाबी हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2017 में जब कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई थी तो विधायक ने खुद ही गमाडा से मिलने वाली राशि रुकवा दी थी। ऐसी ही स्थिति बिजली बोर्ड से मिले पैसे की है। जिससे इलाके का विकास रुक जाए। साथ ही बाद में वह बकाया राशि दिलाकर इस चीज का क्रेडिट ले पाएं। उन्होंने कहा कि विधायक बलबीर सिंह सिद्धू और मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू झूठी बयानबाजी कर रहे हैं। अगर 250 करोड़ रुपये गमाडा से नगर निगम को तय समय में आए होते तो विकास काफी रफ्तार से हो रहा होता।
वहीं, पूर्व मेयर कुलवंत सिंह ने कहा कि 2016 में गमाडा के साथ उनका एमओयू हुआ था। जिसमें गमाडा से 50 करोड़ रुपये प्रति साल का समझौता हुआ था और इस समझौते के मुताबिक गमाडा ने पांच साल तक निगम को हर साल 50 करोड़ और इसके बाद पांच साल के लिए 25 करोड़ रुपये देने थे। कुलवंत सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में गमाडा से एक किश्त हासिल की थी। इसके बाद जब राज्य में कांग्रेस की सरकार आई तो विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने गमाडा से निगम को मिलने वाले पैैसे रुकवा दिए थे। जहां तक पंजाब राज्य बिजली बोर्ड से चुंगी सेस की बकाया राशि की बात है तो उनकी टर्म में नगर निगम ने 8 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त की। जबकि 5 करोड़ रुपये के बिल एडजस्ट करवाए थे। उन्होंने कहा कि उस समय भी बलबीर सिंह सिद्धू की टीम ने कोशिश की थी कि मोहाली नगर निगम बिजली बोर्ड से भी एक पैसा प्राप्त न कर सके। लेकिन मैंने निजी दिलचस्पी लेकर नगर निगम को पैसा दिलाया।
पूर्व मेयर बोले - मेेरे कार्यकाल में पास हुए प्रोजेक्टों पर ले रहे क्रेडिट
पूर्व मेयर कुलवंत सिंह ने कहा कि जहां तक मोहाली के बड़े प्रोजेक्टों की बात है तो मोहाली सीवरेज लाइन बिछाने की बात हो या वाटर सप्लाई स्कीम की ओवर हीलिंग की बात हो, दोनों ही प्रस्ताव उनके कार्यकाल में पास हुए हैं। यह प्रोजेक्ट अमृत स्कीम के तहत करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बलबीर सिंह सिद्धू की टीम ने शुरू से ही इसमें रोड़े अटकाने की कोशिश की। वरना यह काम पहले ही हो जाने थे। विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने ही सभी प्रोजेक्ट अटकाए थे। वहीं, पूर्व मेयर ने कहा कि ओपन एयर जिम का प्रोजेक्ट भी लेकर आए थे। लेकिन उस समय विधायक ने लगने नहीं दिए। वहीं, अब इस चीज पर राजनीति कर रहे थे।