स्वास्थ्य मंत्री का विरोध करते किसान।
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पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिदधू का शनिवार को लांडरां में किसानों ने विरोध किया। उन्हें काली झंडियां दिखाई। साथ ही विकास कार्यों के शुभारंभ समागम में उन्हें राजनीतिक बातें करने से रोका। इसके बाद मजबूरी में स्वास्थ्यमंत्री को अपना कार्यक्रम समेट कर वापस आना पड़ा। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस मौजूद थी, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्यमंत्री बलबीर सिंह सिदधू गांव लांडरां में शनिवार को गली नालियों का नींव पत्थर रखने व ग्रांट देने के लिए आए थे। इस दौरान वहां पर किसान नेता और कुछ युवा पहुंच गए। उन्होंने मंत्री को काले झंडे दिखाए। साथ ही सिद्धू को स्टेज पर कोई राजनीति से जुड़ी बात नहीं बोलने दी। नौजवान किसान गीतइंद्र सिंह,जसपाल सिंह, बिकर सिंह, जगतार सिंह व गुरप्रीत सिंह दोनों पंच, ब्रिज मोहन शर्मा, गुरिंदर सिंह व कमल लांडरां ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों में रोष पाया जा जा रहा है।
साथ ही संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर यह कार्रवाई की गई है। इस संबंधी गांवों में फैसला लिया गया कि जब तक कृषि कानूनों का मामला हल नहीं हो जाता है, तब तक गांव में किसी भी राजनीतिक सरगर्मियों की अनुमति नहीं होगी। हालांकि गांव के सरपंच हरनचरन सिंह गिल ने बताया कि उन्हें समझाने की कोशिश की गई। उन्हें कहा गया कि विकास की राह में मुश्किलें पैदा न करें, लेकिन किसान काले झंडे लेकर डटे रहे। गीतइंद्र सिंह ने कहा कि वे विकास विरोधी नहीं हैं। उन्होंने पहले ही सरपंच को इस बारे में बता दिया था। हालांकि मंत्री ने समय को देखते हुए महज दस से पंद्रह मिनट 17 लाख की ग्रांट गली नालियों, श्मशान घाट के लिए छह लाख व धर्मशाला के लिए पांच लाख ग्रांट दी। साथ ही बिना भाषण दिए वहां से चले गए। इस मौके पर सरपंच गुरचरन सिंह गिल, मार्केट कमेटी के चेयरमैन हरकेश चंद शर्मा, लेबरफैड के वाइस चेयरमैन मोहन सिंह बठलाना समेत कई लोग हाजिर थे।