जीरकपुर। पावरकॉम की ओर से छह महीने बाद ऑक्सफोर्ड प्रोजेक्ट के बिल्डर प्रवीण कांसल उर्फ रॉकी का बिजली बिल बकाया होने के कारण बिजली कनेक्शन काट दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक बिल्डर की ओर से करीब 33 लाख रुपये बिजली बिल बकाया होने के साथ-साथ तीन बार बिजली चोरी करने का लाखों रुपये जुर्माना भी बाकी पड़ा है। जबकि बिल्डर ने बिजली विभाग के इन्फोर्समेंट विंग के सीनियर कार्यकारी इंजीनियर पर रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं और रिश्वत न देने पर उसके ऊपर बिजली चोरी का केस बनाने की बात कही है। पिछले कुछ समय पहले बिजली विभाग के इन्फोर्समेंट विंग ने ऑक्सफोर्ड प्रोजेक्ट पर छापा मारकर सरेआम बिजली चोरी करने के आरोप में डेढ़ करोड़ रुपये जुर्माना किया था। इस मौके पर 123 किलोवॉट लोड चलता पाया गया था पर बिल्डर की अपील के बाद जांच उपरांत जुर्माने की रकम घटाकर करीब 10 लाख रुपये कर दी गई थी।
इसके अलावा बिल्डर का करीब 33 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है। इसको लेकर पावरकॉम की ओर से 27 अक्टूबर 2021 को उक्त बिल्डर का कनेक्शन काटने के निर्देश जारी किए थे लेकिन छह महीने तक बिल्डर का बिजली कनेक्शन नहीं काटा गया था। पावरकॉम की ओर से बिजली चोरी मामले में जेई अमृतपाल को सस्पेंड कर दिया गया था। अमृतपाल को बहाल करने के लिए पावरकॉम विभाग के कर्मचारी लगातार हड़ताल पर बैठे है। मामला बढ़ता देख आखिर बिल्डर का बिजली कनेक्शन काट दिया गया।
बता दें कि बिल्डर प्रवीण कांसल पर अब तक तीन बार छापा मारकर बिजली चोरी करते हुए रंगे हाथों काबू किया जा चुका है। पहले मामले में बिल्डर को 17 लाख जुर्माना हुआ था। उसके करीब एक महीने बाद फिर विभाग ने छापा मारकर बिजली चोरी पकड़ी थी। जिसमें बिल्डर को फिर जुर्माना हुआ पर बिल्डर ने जुर्माना भरने के बजाय अदालत में केस कर दिया, जो कि विचाराधीन है। पावरकॉम ने पहली चोरी मामले में विभाग के जेई गुरप्रीत सिंह को सस्पेंड किया था जबकि दूसरी बिजली चोरी मामले में जेई अमृतपाल सिंह सस्पेंड हुआ था। इस मामले संबंधी बिल्डर प्रवीण कांसल ने कहा कि पावरकॉम के इन्फोर्समेंट विंग के सीनियर कार्यकारी इंजीनियर बलविंदर कुमार 50 लाख रुपये कीमत का शोरूम रिश्वत के तौर पर मांग रहे थे। शोरूम न देने पर उसके प्रोजेक्ट पर बिजली चोरी के केस डाले गए। प्रवीण कांसल ने कहा कि उसके पास सभी सबूत मौजूद हैं और उसने मामले की शिकायत सीएम विंडो पर भी की हुई है। उन्होंने विभाग की ओर से बिजली काटने पर भी नाराजगी जताई और कहा कि विभाग की गलती की वजह से इतना बिल आया है, जिस संबंधी उसकी अधिकारियों से बातचीत चल रही है।
वहीं इस मामले में रिश्वत मांगने के आरोपों की पुष्टि करने के लिए संपर्क करने पर इन्फोर्समेंट विंग के एक्सईएन बलविंदर कुमार ने फोन पर किसी तरह का पक्ष देने से इंकार किया और कहा कि वह वीरवार तक व्यस्त रहेंगे। इसके बाद वह संपर्क करेंगे।