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सीएम सिटी खरड़ की सड़कों पर निकलना मुश्किल, हर समय रहता है पशुओं का आतंक

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मोहाली/खरड़। सीएम सिटी यानी कि खरड़ की सड़कों पर निकलना किसी खतरे से कम नहीं है। इलाके से गुरजने वाले नेशनल हाईवे से लेकर यहां की अंदरूनी सड़कों तक लावारिस पशु कहीं से भी निकल पड़ते हैं। इस वजह से जहां सड़क हादसे होते हैं। वहीं, कई बार इस चक्कर से लंबा जाम तक लग जाता है। लेकिन इस समस्या से निजात दिलाने के लिए इलाके की नगर काउंसिल अब तक कोई कदम नहीं उठा सकी। हालांकि इलाके में निजी गोशालाएं चल रही हैं, फिर भी प्रशासन इस तरह के कोई उचित कदम नहीं उठा रहा है।
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जानकारी के मुताबिक लावारिस पशुओं की दिक्कत हर एरिया में है। लेकिन सबसे ज्यादा बुरा हाल खरड़-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे, खरड़-बनूड़ हाईवे, नयाशहर बडाला रोड, रंधावा रोड और अस्पताल रोड का है। इन सड़कों पर अचानक कहीं से भी पशु वाहनों के सामने आ जाते हैं। इतना ही नहीं कई जगह तो यह पशु सड़कों पर ही बैठे रहते हैं। जिससे लोगों को काफी मुश्किल उठानी पड़ती है। रात के समय स्थिति और भी खराब जाती है। लोग कई बार इस मामले को नगर काउंसिल के अधिकारियों के सामने उठा चुके हैं। फिर भी इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। जबकि खरड़ से मात्र 12 किलोमीटर की दूरी पर ही गो सेवा कमीशन का दफ्तर है। फिर भी सड़कों पर घूमते लावारिस पशुओं की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। जबकि सरकार लोगों से सरकार कऊ सैस वसूलते समय कोई छूट नहीं देती।
खरड़ निवासी अभिषेक पराशर का कहना है कि वह निजी कंपनी में जॉब करते हैं। जब वह सुबह ड्यूटी के लिए जाते हैं तो काफी दिक्कत होती है। खरड़ बस स्टैंड से लेकर गोपाल स्वीट्स तक पशु हाईवे पर कहीं भी बैठे रहते हैं। जिस वजह से हाईवे पर जगह काफी कम रह जाती है। साथ ही हादसे होने का खतरा बना रहता है। इसी तरह नया शहर बडाला रोड स्थित गुलमोहर सिंह निवासी सीनियर सिटीजन दिनेश वर्मा कहते हैं कि सड़कों पर इन पशुओं की वजह से सुबह-शाम सैर करने में काफी दिक्कत आती है। इस वजह से जाम की दिक्कत भी बनी रहती है।
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कऊ सैस लेते हैं तो समस्या हल करे काउंसिल
खरड़ समेत कई राज्यों के लोगों की सुविधा के लिए केंद्र सरकार ने कुछ समय पहले खरड़ हाईवे पर फ्लाईओवर बनाया था। लेकिन लावारिस पशुओं की वजह से फ्लाईओवर पर ट्रैफिक में रुकावट बन रही है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता विनीत वर्मा का कहना है कि यह गंभीर मामला है। सरकार कऊ सैस के नाम पर हर साल लाखों रुपये लेती है। नगर काउंसिल का उसमें हिस्सा होता है। ऐसे में नगर काउंसिल को इस समस्या को पहल के आधार पर हल करना चाहिए। अगर लावारिस पशुओं को पकड़कर गोशाला नहीं पहुंचाया जा सकता है तो कम से नेशनल हाईवे पर कुछ मुलाजिम तैनात करे, ताकि पशुओं को हटाने की व्यवस्था हो सके।
हर समय रहती है जाम की दिक्कत
जानकारी के मुताबिक खरड़ में हर समय यातायात जाम की दिक्कत रहती है। लांडरां-खरड रोड हो या फिर मेन बाजार हर जगह बुरा हाल है। रोजाना लोग दिक्कत उठाते हैं। ट्रैफिक पुलिस के जवान केवल बस स्टैंड के पास ही दिखते हैं। इसके अलावा शहर में कहीं नजर नहीं आते। इसके अलावा लोगों ने अपनी मर्जी से रास्ते बना लिए हैं, जिन्होंने लोगों की नींद उड़ाई हुई है।
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