मोहाली। आज बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधेंगी। शनिवार को बहनों ने ही नहीं, भाइयों ने भी रक्षाबंधन पर्व के लिए जमकर खरीदारी की। बारिश के बावजूद लोग बाजारों में पहुंचे। कोरोना महामारी से लड़ाई और लॉकडाउन की मार के बाद दुकानदार भी ग्राहकों की उम्मीद लगाए बैठे थे। लंबे समय के बाद बाजार में कारोबार देखने को मिला। राखी के साथ ही मिठाई, गिफ्ट, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े और सोने-चांदी की खूब खरीदारी हुई। शनिवार को करीब डेढ़ करोड़ की सोने-चांदी की राखियों का कारोबार बाजार में हुआ।
रक्षाबंधन आज है और कोरोना काल की सख्तियों के बीच लंबे समय के बाद लोग उत्साहपूर्वक त्योहार मनाते नजर आ रहे हैं। शनिवार को बारिश के बीच लोग खरीदारी के लिए बाजारों में निकले। बाजार भी कोरोना प्रोटोकॉल के साथ तैयार थे। डिजिटल पेंमेंट से लेकर हाईजेनिक फूड प्रोडक्ट के साथ बाजार ग्राहकों के लिए तैयार थे। कार्टून किरदारों वाली राखी से लेकर सोने-चांदी की जड़ाऊ राखियां लोगों को खूब पसंद आईं। 10 रुपये से लेकर 50 हजार तक की राखी बाजार में खरीदी गईं। शहर के सभी प्रमुख बाजार रक्षाबंधन के लिए सजे हुए थे। शाम को भी बाजारों में खूब रौनक रही और बारिश से गर्मी में राहत के कारण भी लोगों ने बाजारों में निकलकर परिवार के साथ खरीददारी की।
बच्चों को जहां कार्टून किरदारों वाली राखियां भा रही थीं, तो वहीं युवाओं की खरीददारी में ओलंपिक की छाप नजर आई। लोगों ने अपने बजट के हिसाब से जमकर खरीददारी की। मिठाइयों, चॉकलेट और बिस्कुट की हाइजेनिक पैकिंग भी लोगों ने खूब पसंद की। वहीं कपड़ों की भी खूब खरीदारी की गई। एक अरसे बाद लोग ज्वैलरी शॉप्स पर भी खरीददारी के लिए पहुंचे। जिले में शनिवार को करीब डेढ़ करोड़ की सोने और चांदी की राखियों का कारोबार हुआ। मोहाली ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रधान सर्बजीत सिंह पारस ने बताया कि ग्राहकों ने बाजारों में निकलकर व्यापारियों के लिए उम्मीद पैदा की है। रक्षाबंधन पर बाजार में अच्छा कारोबार रहा। जिससे आने वाले त्यौहारों के दौरान भी कारोबार की उम्मीद पैदा हुई है। उन्होंने बताया कि 80 प्रतिशत ग्राहकों ने चांदी की राखी को प्राथमिकता दी। जिसमें बजट की रेंज को पसंद किया गया। चांदी की राखी 400 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक की रेंज में उपलब्ध रहीं। वहीं, सोने और डायमंड की राखियों की खरीददारी भी 20 फीसदी हुई। इन राखियों की रेंज 15 हजार से शुरू होकर 50000 रुपये तक थी।
474 साल बाद रक्षाबंधन पर बन रहा गजकेसरी योग
रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है कि कहीं भद्रा का साया तो नहीं पड़ रहा है। ज्योतिषाचार्य पंडित जगदंबा प्रसाद रतूड़ी ने बताया कि इस बार पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 21 अगस्त को शाम 7 बजे से शुरू होकर 22 अगस्त को शाम 5.31 बजे तक रहेगी। भद्रा सुबह 6.15 पर ही समाप्त हो रही है। इसलिए बहनें भाइयों को 22 अगस्त को सुबह 6.15 से लेकर शाम 05.31 बजे तक यानी 11 घंटे 16 मिनट तक राखी बांध सकेंगी। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि रक्षाबंधन पर सिंह राशि में सूर्य, मंगल, और बुध ग्रह एक साथ विराजमान होंगे। रक्षाबंधन पर बन रहा गजकेसरी योग शुभ और फलदाई है। यह दुर्लभ योग 11 अगस्त 1547 में हुआ था। अब यह 474 साल बाद फिर बन रहा है।