जीरकपुर। पभात क्षेत्र में एयरफोर्स स्टेशन के 100 मीटर दायरे में आने वाले लोगों की आवाज को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए हलका विधायक ने शुक्रवार को निकाय मंत्री बलकार सिंह से मुलाकात की। इस दौरान हलके में पड़ती तीनों परिषदों की समस्याओं, विकास के अलावा पभात क्षेत्र के लोगों के पुनर्वास की योजना बनाने पर विचार किया गया।
निकाय मंत्री ने मुख्यमंत्री से बात कर पुनर्वास की योजना जल्द बनाने का भरोसा दिलाते हुए हलका विधायक से लोगों की हर संभव मदद करने का वादा किया। रंधावा ने कहा कि 100 मीटर दायरे में जो निर्माण आ रहे हैं, वह अकेले लोगों की गलती नहीं बल्कि एयरफोर्स स्टेशन अधिकारियों को भी इस तरफ उसी समय ध्यान देना चाहिए था जब 1968 में पभात गांव की जमीन सस्ते भाव खरीदी गई थी। उसी समय 100 मीटर दायरे की जमीन भी खरीद लेनी चाहिए थी। उस समय तो यहां ज्यादा निर्माण नहीं थे। यह कार्रवाई पिछले 40 साल से चल रही है और किसी भी सरकार ने लोगों की तरफ ध्यान नहीं दिया और उसके बाद न ही सरकारों ने नई बन रही इमारतों को रोका। उन्होंने मांग की कि 2011 के बाद वाले लोगों को भी पुनर्वास योजना में लिया जाए ताकि लोगों को परेशानी न हो।
गांववासियों ने राज्यपाल से मिलने का बनाया प्लान
पभात क्षेत्र में हाईकोर्ट के आदेशों पर 100 मीटर में आने वाले निर्माणों को तोड़ने के लिए की जा रही कार्रवाई से सहमे लोगों ने शुक्रवार को गांव में बैठक की। इस दौरान राज्यपाल से मुलाकात कर राहत की मांग करने का प्लान बनाया गया। गांववासी जगदेव सिंह, अमर सिंह, जगजीत सिंह, जतिंदर सिंह ने बताया कि एक बार उनकी बिल्डिंगों पर नंबर लगाने के बावजूद नई बिल्डिंगों को भी इस लिस्ट में जोड़ा जा रहा है। लोगों ने बताया कि 1963-64 में यहां चंडीगढ़ एयरपोर्ट बनाने के लिए उनकी महंगे भाव की जमीन केवल चार हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब एक्वायर कर ली थी और पेरीफेरी एक्ट लागू कर दिया था। इसके बाद 2003 में बिना किसी मुआवजे के मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। पभात के लोगों को पहले भी उजाड़ा गया था और अब फिर से उजाड़ा जा रहा है। लोगों ने कहा कि इस बार यदि कोई कार्रवाई होती है तो सबको मुआवजा दिया जाए और भले वह 2011 से पहले के हों या बाद के। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी गांववासियों की ओर से रखी गई है।