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मोहाली: राजनाथ सिंह बोले- पहले मिला था कार्यक्रम का न्योता, किसान आंदोलन की वजह से नहीं आया, क्योंकि मैं भी किसान का बेटा हूं

Mon, 03 Jan 2022 06:07 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली (पंजाब)

सार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को पंजाब के मोहाली पहुंचे। यहां उन्होंने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में बने कल्पना चावला रिसर्च सेंटर का उद्धघाटन किया।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मुझे चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में आने का न्योता पहले मिला था लेकिन किसान आंदोलन के चलते मैं नहीं आ पाया था। मैं इसलिए नहीं आया, क्योंकि मैं भी किसान का बेटा हूं। जबकि प्रशासन ने मेरे यहां आने की सारी जिम्मेदारियां लीं, परंतु मैं यह नहीं चाहता था कि मेरे आने पर किसान प्रदर्शन करें और प्रदर्शन के चलते किसान के साथ कोई ऊंच-नीच हो जाए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को मोहाली स्थित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी पहुंचे, यहां उन्होंने कल्पना चावला रिसर्च सेंटर का उद्धघाटन किया।

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अगली बार आऊंगा तो खूब बातें करूंगा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं खुद फिजिक्स का स्टूडेंट रहा हूं और मेरा मन है कि आप स्टूडेंट्स से मिलकर बहुत सारी बातें करूं लेकिन समय इजाजत नहीं देता और मैं आपसे वादा करता हूं कि अगली बार आऊंगा तो ढेर सारा समय लेकर आऊंगा ताकि स्टूडेंट्स को मुझसे शिकायत न रहे।
 
जानकारी के मुताबिक, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने अपने कैंपस में स्पेस सेंटर का निर्माण किया है। इसे संस्थान ने कल्पना चावला रिसर्च सेंटर नाम दिया है। दूसरी ओर, सेंटर का उद्घाटन करने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को यहां पहुंचे, जिन्होंने सेंटर का उद्घाटन करने के बाद छात्रों को संबोधित किया। राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी प्रबंधकों की तारीफ की और बताया कि कल्पना चावला रिसर्च सेंटर से युवा पीढ़ी को मदद मिलेगी।

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कल्पना चावला सेंटर देश के लिए महत्वपूर्ण: राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने कहा कि दिवंगत कल्पना चावला रिसर्च सेंटर से जुड़े विद्यार्थी भविष्य में नई बुलंदियों को छूने में कामयाब होंगे।  रिसर्च से लेकर प्लेसमेंट तक, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने हर क्षेत्र में नए आयाम हासिल किए हैं, जो कि हमारे देश के शिक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की बढ़ती महत्ता को प्रमाणित कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा, ज्ञान विज्ञान को विश्व स्तर तक पहुंचाने और देश को ज्ञान की एक अर्थव्यवस्था के रूप में विश्व स्तर पर शीर्ष पायदान पर लाने के लिए पब्लिक-प्राइवेट सेक्टर को मिलकर कार्य करना होगा। 
 
उन्होंने खुशी जाहिर की है कि वर्तमान में निजी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा दे रहे हैं, जिसके परिणाम स्वरूप हमारे राष्ट्र की मानव पूंजी में गुणात्मक इजाफा हो रहा है। वहीं, यूनिवर्सिटी में कल्पना चावला सेंटर की स्थापना को देश के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास विश्व स्तर पर तकनीक क्षेत्र में भारत को नेतृत्व प्राप्त करने और देश को अपने प्राचीन गौरव को पुन: बहाल करने में मददगार होंगे। 
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उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया को साधु संतों के साथ महान विद्वान और वैज्ञानिक भी दिए हैं। वर्तमान में भी हम आर्ट, लिटरेचर, म्यूजिक और एस्ट्रोलॉजी के साथ स्पेस से जुड़े विषयों में बड़ी उपलब्धि हासिल कर रहे हैं। आर्यभट्ट, वराहमिहिर, ब्रह्मगुप्त, भास्कराचार्य आदि ऐसे विद्वान हुए हैं, जिन्होंने एक ओर ‘डेसिमल सिस्टम जीरो’ और पाई जैसे गणितीय सिद्धांत दुनिया को दिए। वहीं दूसरी ओर ज्योतिष शास्त्र में कई महत्वपूर्ण अवधारणाएं दी हैं। अंतरिक्ष क्षेत्र राष्ट्रीय विकास से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक हमारे जीवन से गहराई से जुड़ा हुआ है। राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार इस अंतरिक्ष की क्षमता को समझती है और इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।  

इस मौके पर सीयू के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण, नवाचार और कौशलयुक्त नई शिक्षा प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है, ताकि भविष्य के अनुसार वे अपने कौशल और योग्यता को हासिल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें। रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में युवा विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने सीयू सेटेलाइट कार्यक्रम की शुरुआत की है। इसके तहत छात्रों को स्पेस टेक्नोलॉजी क्षेत्र में व्यावहारिक तकनीकी प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। 

संधू ने कहा कि हम जल्द ही सेटेलाइट डिजाइन और विकास के लिए शॉर्ट टर्म कोर्स की घोषणा करेंगे और 3.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस सेंटर के माध्यम से यूनिवर्सिटी की ओर से ब्राजील, मिस्र, कोलंबिया, मैक्सिको, जांबिया, केन्या, तुर्की सहित 57 देशों में सेटेलाइट रिसर्च सुविधाओं को विकसित करने में सहायता के साथ-साथ विदेशी छात्रों को सेटेलाइट डिजाइन के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
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