मोहाली। वीआईपी शहर में अब लोगों को झूलती बिजली की तारों से जल्द ही राहत मिल जाएगी। इतना ही नहीं सीवरेज का ट्रीटेड पानी अब सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जएागा। नगर निगम ने पावरकॉम के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट पर काम करने की तैयारी की है। नगर निगम के मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू की तरफ से इस संबंधी पुष्टि की गई। उन्होंने कहा कि शहर में सारी बिजली की तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। जिसके बाद जहां हादसों का खतरा कम हो जाएगा। वहीं, इलाका भी सुंदर लगेगा।
जानकारी के मुताबिक नगर निगम मोहाली शहर को अब स्मार्ट सिटी की तर्ज पर बसा रही है। इसके मद्द्ेनजर यह सभी अहम प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं। इससे पहले केंद्र सरकार की योजना से शहर के कई एरिया में बिजली की तारे अंडरग्राउंड की गई थी। यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से कामयाब रहा था। वहीं, अब नगर निगम ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके बाद ही नगर निगम ने गमाडा के साथ समन्वय कर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के ट्रीटेड पानी को वापस सिंचाई के लिए इस्तेमाल करने की योजना बनाई है। मेयर ने कहा कि गमाडा की ओर से संचालित मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पानी को ट्रीट कर नाले में डंप किया जा रहा है। क्योंकि उसमें पानी वापस लाने के लिए कोई पाइप नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि नगर निगम इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिससे इस पानी को वापस मोहाली लाया जा सके और पार्कों की सिंचाई, चौराहों की सिंचाई और ऐसे ही अन्य कामों में इस्तेमाल किया जा सके।
जल्द मिलेगा ऑडिटोरियम का तोहफा
मेयर जीती सिद्धू ने कहा कि मोहाली में सभागार के निर्माण और सेक्टर 78 स्पोर्ट्स स्टेडियम में एथलेटिक्स के लिए सिंथेटिक ट्रैक की स्थापना से संबंधित सबसे महत्वपूर्ण कार्य को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की ओर से मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि इसी तरह मोहाली में गमाडा की ओर से निर्मित खेल स्टेडियमों को नगर निगम की ओर से अधिग्रहित किया जाना था। उन्होंने कहा कि इन खेल स्टेडियमों की स्थिति बहुत खराब है और इसके लिए गमाडा के अधिकारियों को उनके नवीनीकरण के लिए भुगतान करने के लिए कहा गया। गमाडा ने कहा कि वे इन खेल स्टेडियमों को नवीनीकरण के बाद नगर निगम को सौंप देंगे। अगले कुछ दिनों में नगर निगम को सौंप दिए जाएंगे, जबकि बाकी के बनकर तैयार होते ही नगर निगम अपने कब्जे में ले लेगा। मेयर ने कहा कि इन खेल स्टेडियमों में बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएंगी और न्यूनतम शुल्क लिया जाएगा ताकि शहर के लोगों को इन खेल स्टेडियमों से अधिक से अधिक लाभ मिल सके।