फेज-एक मोहाली गांव स्थित एक नामी होटल में प्रॉपर्टी कारोबारी ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। उसकी पहचान वरिंदर पाल सिंह के रूप में हुई। वह नगर काउंसिल खरड़ के पूर्व प्रधान व वरिष्ठ अकाली नेता गुरप्रेम सिंह रोमाना का भांजा था। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और शव सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया। एसएचओ का कहना है कि जांच की जा रही है। अस्पताल से पुलिस के पास सूचना पहुंची थी।
जानकारी के मुताबिक, वरिंदर पाल सिंह फेज-1 मोहाली गांव स्थित होटल ग्रैंड प्लाजा में बुधवार सुबह आया था। यहां उसने कमरा बुक कराया। शाम को उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। इसके बाद अपने दोस्त को फोन कर बताया कि मैंने सल्फास खा लिया है और मरने वाला हूं। दोस्त ने फौरन उसके परिजनों को सूचना दी।
परिवार वाले होटल पहुंचे और उसे अस्पताल लेकर गए। डॉक्टरों ने करीब एक घंटे तक उसकी जिंदगी बचाने का प्रयास किया लेकिन वह बच नहीं सका। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। खबर लिखे जाने तक पुलिस पड़ताल में जुटी थी। होटल में लगे कैमरे खंगाले जा रहे थे।
नगर परिषद का चुनाव भी लड़ा था
वरिंदर पाल सिंह ने नगर परिषद का चुनाव भी लड़ा था। लेकिन वह हार गया था। सूत्रों की मानें तो उसका प्रॉपर्टी का कारोबार भी अच्छा नहीं चल रहा था। काफी कर्ज होने के कारण परेशान चल रहा था।
पीछे छोड़ गया आठ साल की बच्ची व पत्नी
वरिंदर के परिवार का इलाके में अच्छा रसूख है। वह अपने पीछे आठ साल की बच्ची व पत्नी छोड़ गया है। पता चला है कि जैसे ही उसके जहर खाने की खबर परिवार को मिली परिवार के सदस्य तुरंत मोहाली पहुंच गए। उनका रो-रोकर बुरा हाल है।