होटल कारोबारी एफ खान ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत देकर गैंगस्टर अंकित राणा द्वारा रगंदारी मांगने का खुलासा किया था। खान ने रंगदारी मांगने से संबंधित पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी मुहैया करवाई थी। इसके बाद मोहाली पुलिस हरकत में आई और गैंगस्टर अंकित राणा समेत उसके गुर्गों को गिरफ्तार करने के लिए प्लान तैयार कर जाल बिछाया। गुर्गे तो जाल में फंस गए लेकिन राणा हाथ नहीं लगा। जिसकी तलाश में पुलिस कई राज्यों में दबिश दे रही है।
बलटाना के एरिया लाइट प्वाइंट से करीब 500 मीटर दूर फर्नीचर मार्केट स्थित होटल रिलेक्शन इन के संचालक फैजल को पुलिस ने ऑपरेशन को पूरा करने के लिए आधार बनाया। पुलिस को एफ खान ने जानकारी दी थी कि बलटाना होटल कारोबारी से गैंगस्टर अंकित राणा हर माह रंगदारी वसूलता है। इसके बाद बलटाना के होटल कारोबारी को पुलिस ने राउंडअप कर पूछताछ की और होटल में ट्रैप लगाया। होटल के आसपास का पूरा एरिया सीसीटीवी कैमरों से लैस कर पैनी नजर रखी जाने लगी। होटल में काम करने वाले कर्मचारियों को भी इसकी जानकारी नहीं थी। 17 जुलाई की रात जब पुलिस और गैंगस्टरों के बीच मुठभेड़ हुई तब होटल स्टाफ को जानकारी लगी।
17 जुलाई की रात करीब 8.45 पर होटल के बाहर गैंगस्टर अंकित राणा के दस गुर्गे पहुंचे थे। पहले होटल के बाहर गैंगस्टरों ने सरगना अंकित राणा के साथ प्लानिंग की और उसे वीडियो कॉलिंग कर दस गैंगस्टर होटल की पहली मंजिल पर पहुंचे। जहां काउंटर पर मौजूद कर्मचारी से होटल संचालक फैजल के बारे में पूछा। कर्मचारी ने जवाब दिया कि फैजल अभी यहां नहीं हैं। इसके बाद वह दूसरी मंजिल पर पहुंच गए। वह जांच के बाद जब नीचे उतरने लगे तो होटल मैंनेजर रीतू दूसरी मंजिल से पहली मंजिल पर पहुंच गया और गैंगस्टरों से पूछा कि क्या बात है। वीडियो कॉलिंग पर मौजूद गैंगस्टर अंकित राणा ने रीतू को देखते ही कहा इसे मार दो। इसे छोड़ना मत। फिर गैंगस्टरों ने रीतू को मारना शुरू कर दिया।
होटल मैनेजर रीतू को मारने की सूचना जैसे ही होटल में मौजूद पुलिस मुलाजिम को लगी वह कमरा नंबर-102 से बाहर निकला और होटल के मुख्य द्वार को बंद करने लगा। दो पुलिस मुलाजिम गैंगस्टरों को पकड़ने लगे। होटल के बाहर मौजूद पांच गैंगस्टरों ने मुख्यद्वार बंद करने पहुंचे पुलिस कर्मी पर पत्थरों और्र इंट बरसाना शुरू कर दिया। इतने में मौका देखकर होटल की पहली मंजिल पर मौजूद गैंगस्टर पुलिस की गिरफ्त से बाहर निकल गए। पीछा करते हुए पुलिस मुलाजिम भी बाहर आए। जहां पुलिस और गैंगस्टरों के बीच हाथापाई हुई।
ओल्ड कालका रोड स्थित एक होटल में करीब एक साल चार माह पहले अंकित राणा ने होटल संचालक की ओर से रंगादारी नहीं दिए जाने पर तोड़फोड़ की थी। गैंगस्टर ने होटल में लगे कीमती सामान को तोड़ दिया था। इसकी सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस भी पहुंची थी, लेकिन डर के मारे होटल संचालक ने शिकायत नहीं दी थी।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, गैंगस्टर उत्तर प्रदेश से असलहा सस्ते दामों पर लाते हैं। जिनका इस्तेमाल रंगदारी मांगने वक्त लोगों को डराने धमकाने के लिए करते हैं। बताया जा रहा है कि इन गैंगस्टरों के ज्यादातर रिश्तेदार यूपी से हैं। जहां घूमने की आड़ में जाकर ये असलहा लाते हैं।