एसके अस्पताल की संचालिका को गर्भपात करते रंगे हाथ पकड़ा
हरियाणा सेहत विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दी थी दबिश
अस्पताल की संचालिका व दलाल को को काबू किया, काफी सामान भी किया जब्त
अमर उजाला ब्यूरो
खरड़।
हरियाणा सेहत विभाग के डाक्टरों की एक टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर खरड़ बस स्टैंड के निकट एसके अस्पताल में दबिश दी। इस दौरान अस्पताल की संचालिका को एक महिला का गर्भपात करते रंगे हाथों दबोच लिया। गर्भपात का केस देखकर अंबाला के डॉक्टरों ने सरकारी अस्पताल खरड़ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉक्टर सुरिंदर सिंह को फोन पर सूचना दी। सूचना पाकर सीएमओ टीम के साथ मौके पर पहुंचे और काफी सामान अपने कब्जे में ले लिया। इसके साथ ही सेहत विभाग ने पीसीपी, एनडीटी एक्ट 3, 4, 5, 6, 18, 23 रूल 11 व आईपीसी की धारा 420,120 बी व एमटीपी एक्ट की धारा 3,4,5, आईएमसी एक्ट 15(2) 15(3) के अधीन एसके अस्पताल की संचालिका सरबजीत कौर, दलाल बलबीर कौर और गर्भपात कराने वाली महिला परमजीत कौर के खिलाफ मामला दर्ज करने की शिकायत खरड़ सिटी पुलिस को दी है।
गर्भवती महिला के माध्यम से विभाग ने बिछाया जाल
अंबाला के पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉक्टर विपिन भंडारी ने बताया कि उनके पास गुप्त सूचना थी कि खरड़ बस स्टैंड के निकट एसके अस्पताल में अवैध तौर पर गर्भ की जांच की जाती है। इस सूचना के आधार पर उन्होंने एसके अस्पताल की महिला दलाल बलबीर कौर से एक चार महीने की गर्भवती महिला की जांच करवाने के लिए 18 हजार रुपये में डील की। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने जाल बिछाकर गर्भवती महिला को बलबीर कौर के साथ खरड़ एसके अस्पताल भेज दिया।
दलाल महिला को दिए नोटों के नंबर नोट थे
योजना के अनुसार, इस महिला ने दलाल बलबीर कौर को 18 हजार रुपये दे दिए, जिनके नंबर पहले ही डॉक्टरों की टीम ने नोट कर लिया था। दलाल बलबीर कौर ने 12 हजार रुपये अस्पताल की संचालिका सरबजीत कौर को देने के बाद छह हजार रुपये खुद रख लिए। पैसे के बंटवारे के बाद अंबाला स्वास्थ्य विभाग के तीन डॉक्टरों की टीम (जिसमें डॉक्टर विपिन नोडल अफसर, डॉक्टर बीबी लाला कंसलटेंट मौलाना और डॉक्टर विजय वर्मा एसएमओ सिविल अस्पताल अंबाला सिटी) ने अस्पताल में रेड कर दी।
ऐसे बरामद हुआ भ्रूण
अचानक इतने लोगों की टीम को देखकर सरबजीत कौर घबरा गई और कुछ छुपाने लग गई। डॉक्टरों ने देखा कि उसके हाथ में एक रूई का पैड था, जिसमें चार माह का भ्रूण था। डॉक्टरों की टीम ने इसकी सूचना तुरंत सरकारी अस्पताल खरड़ में दी। डॉक्टरों की टीम ने अस्पताल की संचालिका सरबजीत कौर और दलाल बलबीर कौर की तलाशी ली तो बलबीर के पास से छह हजार की नकदी बरामद हो गई, जबकि सरबजीत कौर ने छापेमारी की कार्रवाई देखकर दलाल से मिले 12 हजार रुपये इधर-उधर कर दिए, लेकिन उनमें से एक 500 का नोट उसके पर्स से बरामद हो गया।
जिस महिला का गर्भपात किया, उसका बच्चा था तंदरुस्त
सरकारी अस्पताल खरड़ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुरिंदर सिंह ने बताया कि खरड़ के निकट गांव दाऊं की एक महिला परमजीत कौर पत्नी हरदीप सिंह जो पहले ही तीन बेटियों की मां है। एक बार फिर गर्भवती होने के बाद उसने बुधवार को इसी अस्पताल में अपने गर्भ की जांच करवाई थी। गर्भ की जांच के बाद रुपये बटोरने के लालच में सरबजीत कौर ने गर्भवती महिला परमजीत कौर को बताया कि उसके गर्भ में पल रहा बच्चा खराब हो चुका है और उसका गर्भपात करना बेहद जरूरी है। यह सुनकर परमजीत कौर घबरा गई और उसने गर्भपात करने की सहमति दे दी। सरबजीत कौर ने उससे 22 हजार रुपये ले लिए और उसे कुछ दवा व टीके देकर वीरवार सुबह आने को कहा। सुबह में परमजीत कौर का गर्भपात होने के बाद अचानक अंबाला के डॉक्टरों की टीम ने रेड कर दी। सरकारी अस्पताल खरड़ की टीम के साथ आई गाईनी डॉक्टर नेहा मरवाहा ने भ्रूण की जांच के बाद बताया कि यह स्वस्थ था और लड़का था। जब डॉक्टर नेहा ने परमजीत कौर को इस बारे में बताया तो वह अफसोस करने लगी।
अल्ट्रासाउंड मशीन, मोबाइल फोन कर दिया सील
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में बरामद पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, अस्पताल में लगे सीसीटीवी की डीवीआर, अस्पताल का रिकार्ड, आरोपी सरबजीत कौर व दलाल बलबीर कौर से मिली राशि और तीन मोबाइल फोन कब्जे में लेकर सील कर दिया है।
शाम छह बजे तक चलती रही कार्रवाई
अंबाला के डॉक्टरों की टीम दोपहर करीब 12 बजे एसके अस्पताल खरड़ पहुंची और शाम छह बजे तक डॉक्टरों की कार्रवाई जारी थी। अंबाला के डाक्टरों की टीम के साथ आई पुलिस के कर्मचारियों ने पत्रकारों को भी अंदर नही जाने दिया। स्थानीय पुलिस के आने पर ही पत्रकारों की टीम अंदर जा सकी।