डेढ़ साल पहले भी पकड़ी गई थी सरबजीत कौर
कई वर्षों से चल रहा था यह कारोबार, संचालिका के पास डिग्री भी नहीं
सेहत विभाग की एसके अस्पताल में यह तीसरी रेड
अमर उजाला ब्यूरो
खरड़।
एसके अस्पताल खरड़ में सेहत विभाग की दो साल में यह तीसरी रेड है। अस्पताल की संचालिका सरबजीत कौर के पास डॉक्टर की डिग्री न होने के बावजूद पिछले कई वर्षों से गर्भ की जांच और गर्भपात का धंधा अवैध तौर पर चला रही है। 26 अगस्त 2016 को भी हरियाणा के डॉक्टरों की टीम ने एक गर्भवती महिला के सहारे इस अस्पताल में रेड की थी। उस समय दो दलालों समेत अस्पताल की संचालिका सरबजीत कौर को अवैध तौर पर गर्भ की जांच करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और अस्पताल में रखी अल्ट्रासाउंड मशीन को जब्त कर लिया था। जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपी सरबजीत कौर ने एक बार फिर पुराना धंधा शुरू कर दिया। अल्ट्रासाउंड मशीन न होने के कारण वह कुछ समय तक बाहर के अल्ट्रासाउंड सेंटरों में अधिक पैसे देकर गर्भवती महिलाओं के गर्भ की जांच करवाती रही। कुछ समय बाद उसने एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन खरीद ली, जिससे वह अवैध तौर पर अपने अस्पताल में ही जांच करने लगी।
मोहाली स्वास्थ्य विभाग को जब इस बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने करीब पांच माह पहले 28 नवंबर 2017 को एक डॉक्टरों की टीम भेजकर एसके अस्पताल में छापेमारी की थी। डाक्टरों की टीम देखकर सरबजीत कौर के स्टाफ ने पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन को लिफ्ट में छुपा लिया था। इसके बाद अस्पताल गई डाक्टरों की टीम को भी बंद कर लिया गया था। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंच कर इन डॉक्टरों को बाहर निकाला था।
सीएमओ मोहाली ने सरबजीत कौर के खिलाफ इस बारे में शिकायत खरड़ सिटी पुलिस में दर्ज करवाई थी, लेकिन पांच महीने बीतने के बाद भी पुलिस अब तक इस मामले की जांच ही कर रही है। दूसरी ओर सरबजीत कौर ने रेड करने आई डॉक्टरों की टीम के खिलाफ कोर्ट पहुंच चुकी है।