हत्याओं में प्रयोग हथियारों को एनआईए ने लिया कब्जे में
पंजाब में हुई हिंदू नेताओं की हत्या के मामले की एनआईए कर रही है जांच
सात हथियार लिए कब्जे में, मोगा पुलिस ने उक्त हथियार किए थे बरामद
अमित शर्मा
मोहाली।
पंजाब में हिंदू नेताओं की हत्याओं के मामले की जांच कर रही नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने हत्या में प्रयोग किए गए गए हथियार व अन्य केस प्रॉपर्टी को अपने कब्जे में ले लिया है। यह हथियार पुलिस को मामले के एक आरोपी धमेेंद्र सिंह गुगनी के मोगा स्थित पेट्रोल पंप से बरामद हुए थे। एनआईए के सीनियर प्रोसिक्यूटर सुरिंदर सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि एनआईए की टीम मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, एनआईए की टीम ने सात हथियार कब्जे में लिए हैं। यह सभी हथियार पंजाब पुलिस ने 15 नवंबर को आरोपियों की निशानदेही पर मोगा से बरामद किए थे। अब ये हथियार एनआईए की प्रॉपर्टी हो गए हैं। एनआईए जरूरत पड़ने पर इसे अदालत में पेश करेगी। एनआईए की टीम आरएसएस नेता रविंदर सिंह गोसाईं समेत पंजाब में हुई सभी हिंदू नेताओं की हत्या की जांच कर ही है। एजेंसी इस मामले में पहले ही हरदीप सिंह शेरा, गुगनी व रमनदीप सिंह उर्फ कैनेडियन से पूछताछ कर चुकी है। आरोपियों ने पूछताछ में पंजाब में आठ हत्याएं करने की बात भी कबूल ली है। वहीं, एनआईए की जांच में यह बात भी सामने आ चुकी है कि आरोपी पाकिस्तान समेत दुनिया के अन्य कोनों में बैठे लोगों के सीधे संपर्क में थे। इतना ही नहीं, रविंदर गोसाईं की हत्या के लिए ऑस्ट्रेलिया से तीस हजार डॉलर आए थे। इस बात की पुष्टि भी एनआईए की जांच में हो चुकी है।
एजेंसी मलूक को नहीं ला पाई वारंट पर
दूसरी तरफ इसी मामले में एनआईए को हथियार सप्लाई करने वाले मलूक सिंह को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आना था। लेकिन एनआईए को इसमें सफलता नहीं मिल पाई है। हालांकि वह डासना जेल (यूपी) में बंद है। वहां की अदालत ने जेल अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि पहले उसे 16 दिसंबर को वहां की अदालत में पेश किया जाएगा। उसके बाद ही एनआईए उसकी कस्टडी ले पाएगी। उक्त आरोपी हथियारों का सबसे बड़ा सप्लायर था।