मोहाली। खरड़-बलौंगी नेशनल हाईवे पर बन रहे फ्लाईओवर की वजह से कई गांवों और सोसायटीज के लोग परेशानी में आ गए हैं। क्योंकि उन्हें अपने घरों तक पहुंचने के लिए दो-तीन किलोमीटर तक घूमकर चक्कर लगाना पड़ रहा है। यह स्थिति साफ हुई है कि हाईवे पर गांवों और सोसायटियों से काफी दूरी पर दिए गए रास्ते या कट से। सिर्फ एक मिनट के सफर के लिए लोगों को पांच से सात मिनट लग रहे हैं। कई बार इस वजह से ट्रैफिक जाम तक की स्थिति भी बन रही है।
इस मामले को लेकर कई लोगों ने सरकार से लेकर नेशनल हाईवे अथारिटी से संपर्क किया। कुछ केसों में लोगों को कामयाबी भी मिली है, लेकिन ज्यादातर लोग परेशानी में हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक खरड़-बलौंगी हाईवे के दोनों तरफ कई हाउसिंग कंपनियों के प्रोजेक्ट हैं। इसके अलावा कई नामी मैरिज पैलेस, होटल मॉल्स तक आते हैं। लेकिन हाईवे पर बन रहे फ्लाईओवर की वजह से लोग परेशानी में आ गए। क्योंकि जैसे पहले हाईवे पर लोग पहले कट होने के चलते आसानी से खरड़ या मोहाली की तरफ निकल जाते थे। वह सभी सुविधाएं अब खत्म हो गई। फ्लाईओवर बना रही कंपनी ने एक तय दूरी पर पर जाकर लोगों को हाईवे पर क्रास करने के लिए कट दिए हैं। इससे कई सोसायटियों व गांवों को बड़ी परेशानी उठानी पड़ रही है। इससे लोगों के पहले वाले रास्ते बंद हो गए है। इस मामले में कई गावों और इलाके की समाज सेवी संस्थाएं लंबे समय से संघर्ष कर रही हैं। लोगों का कहना है कि सरकार को उन्हें सुनना होगा। वरना संघर्ष तेज किया जाएगा।
12 गांवों और कई सोसाइटियों के लोग दिक्कत में
इस बारे में समाज सेवी सतनाम सिंह दाऊं का कहना है कि उनका ऐतिहासिक गांव खरड़-बलौंगी हाईवे पर पड़ता है। उनके गांव में एक धार्मिक स्थान है। इसके अलावा उनके गांव से होकर करीब 12 गांवों को रास्ता जाता है। वहीं, कई रिहायशी सोसायटियां बसी हुई है। जहां पर करीब एक लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। जबकि उनके गांवों को हाईवे पर सीधा रास्ता नहीं दिया गया है। गांव वालों को खरड़ जाना है तो घूमकर आना पड़ता है। यही हिसाब चंडीगढ से आने पर है। इस संबंधी डीसी से लेकर सीएम तक पत्र लिखे हैं। उम्मीद है कि लोगों को जल्दी राहत मिलेगी।
बेवजह रोजाना लगाना पड़ता है दो किलोमीटर का चक्कर
बड़माजरा निवासी रजत भारद्वाज ने बताया वह एक नामी बैंक में चंडीगढ़ काम करते हैं। लेकिन फ्लाईओवर की वजह से वह रोजाना परेशानी उठा रहे है। बलौंगी में हाईवे पर कोई रास्ता या कट नहीं दिया है। उन्हें करीब दो किलोमीटर का चक्कर फ्री में लगाना पड़ता है। कई बार तो रोड पर ट्रैफिक ज्यादा होता है। जिससे शाम के समय में फ्री में परेशानी उठानी पड़ती है। जिला प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना होगा।
गांव व सोसायटीज वालों का दुखड़ा भी सुनना चाहिए
मोहाली निवासी हरप्रीत सिंह का कहना है कि अभी तक फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है। ऐसे में एक बार गांवों की पंचायतों और रिहायशी सोसायटीज वालों से प्रशासन को मीटिंग करनी चाहिए और उनका दुखड़ा सुनना चाहिए। इसके बाद सबकी सहमति से हाईवे पर रास्ते दे देने चाहिए, साथ ही लोगों को रुकने के लिए बस क्यू शेल्टर से लेकर अन्य मूलभूत सुविधाओं का इंतजाम करना चाहिए, ताकि लोगों को दिक्कत न आए।
फ्लाईओवर जरूरी, लेकिन लोगों की समस्या न बढ़ाएं
ग्रीन एनक्लेव निवासी सेक्टर-117 निवासी विनय शंकर का कहना है फ्लाईओवर समय की जरूरत है। लेकिन लोकल लोगों की समस्याओं को नहीं बढ़ाना चाहिए। हर जगह रास्ते या कट देना संभव नहीं है तो कुछ चुनिंदा जगह पर इस तरह की सुविधा दी जा सकती है। जिससे कि लोगों को भी दिक्कत नहीं आएगी। वहीं, हाईवे पर ट्रैफिक भी आसानी से निकलता रहेगा।